एनआईए ने पंजाब में विहिप नेता हत्या मामले में हथियार तस्कर को किया गिरफ्तार
खारी वैभव
- 19 Aug 2024, 07:35 PM
- Updated: 07:35 PM
नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ के साथ समन्वित अभियान में पंजाब में विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के नेता विकास प्रभाकर उर्फ विकास बग्गा की हत्या के मामले में एक प्रमुख आरोपी को रविवार को गिरफ्तार किया।
इस आरोपी ने हत्या के लिए अवैध हथियार और कारतूस मुहैया कराए थे।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मामले में वांछित आरोपी धर्मेंद्र कुमार उर्फ कुणाल (22) को एनआईए और दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ के दलों ने पंजाब के लुधियाना में गिरफ्तार किया।
आरोपी को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है।
आतंकवाद रोधी एजेंसी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि एनआईए की जांच में पता चला है कि आरोपी ने मध्यप्रदेश से अवैध हथियार और कारतूस खरीदे थे तथा विदेश स्थित खालिस्तानी आतंकवादी हरविंदर कुमार उर्फ सोनू के निर्देश पर उसे शूटर को मुहैया कराया था।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पी. एस. कुशवाह ने कहा, ‘‘कुमार ने मध्यप्रदेश से हथियार खरीदे थे, जिनका इस्तेमाल विकास प्रभाकर की हत्या में किया गया। उसे एनआईए और दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ के संयुक्त दल ने लुधियाना की वाल्मीकि कॉलोनी से गिरफ्तार किया।’’
इसमें कहा गया कि पंजाब के शहीद भगत सिंह (एसबीएस) नगर निवासी मंदीप कुमार उर्फ मंगली और सुरिंदर कुमार उर्फ रीका नाम के शूटर को 16 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
एनआईए ने कहा कि दो अन्य आरोपियों, बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के हरजीत सिंह उर्फ लाधी और कुलवीर सिंह उर्फ सिद्धू की तलाश जारी है, जिनकी गिरफ्तारी पर 10-10 लाख रुपये का नकद इनाम रखा गया है।
विहिप के नांगल अध्यक्ष बग्गा की 13 अप्रैल को पंजाब के रूपनगर जिले के नांगल में उनकी दुकान में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एनआईए ने नौ मई को यह मामला राज्य पुलिस से अपने हाथ में ले लिया था।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, कुमार ने अपराध में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली है।
पुलिस ने कहा कि वह पहले भी मध्यप्रदेश से अवैध हथियारों की तस्करी की घटनाओं में शामिल रहा है और उसके खिलाफ मध्यप्रदेश तथा पंजाब में शस्त्र अधिनियम की धाराओं में दो मामले दर्ज हैं।
भाषा
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