हेमा समिति की रिपोर्ट : यूडीएफ ने केरल के मुख्यमंत्री विजयन से माफी मांगने को कहा
गोला पवनेश
- 21 Aug 2024, 05:34 PM
- Updated: 05:34 PM
तिरुवनंतपुरम, 21 अगस्त (भाषा) विपक्षी कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने बुधवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन के इस दावे को नकार दिया कि न्यायमूर्ति हेमा ने खुद उनसे मलयालम फिल्म उद्योग पर विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक न करने का अनुरोध किया था। यूडीएफ ने इसे ‘सरासर झूठ’ और ‘पाखंड’ बताया।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने कहा कि तीन सदस्यीय समिति की अध्यक्ष रहीं न्यायमूर्ति हेमा ने सरकार से इसे सार्वजनिक न करने के लिए कभी नहीं कहा था।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने झूठ बोलकर सभी को गुमराह करने की कोशिश की और उनका यह जवाब कि सरकार हमेशा पीड़ितों के साथ है, ‘पाखंड’ के अलावा कुछ नहीं है।
विपक्ष के नेता ने न्यायमूर्ति हेमा द्वारा सरकार को कथित तौर पर भेजा पत्र भी जारी किया।
उन्होंने कहा, ‘‘उस पत्र में हेमा समित ने सरकार से रिपोर्ट जारी न करने के लिए कभी नहीं कहा बल्कि इसे जारी करते हुए उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करने के लिए कहा था।’’
उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिया था कि पीड़ितों के नाम उजागर न किए जाए लेकिन यह रिपोर्ट पर कार्रवाई को लेकर बाधक नहीं है।
सतीशन ने कहा कि यह भी एक अपराध है यदि कोई व्यक्ति जो जानता है कि अपराध हुआ है, वह उसे छिपाए या उसकी जानकारी न दे। उन्होंने मुख्यमंत्री तथा अन्य मंत्रियों पर कोई कार्रवाई न कर इस पर चुप बैठने का अपराध करने का आरोप लगाया।
उन्होंने मुख्यमंत्री विजयन से न्यायमूर्ति हेमा द्वारा लिखे पत्र के बारे में कथित तौर पर भ्रामक दावे करने के लिए माफी मांगने को कहा।
उन्होंने सरकार को इस रिपोर्ट पर कार्रवाई न करने पर सड़कों पर प्रदर्शन करने की भी चेतावनी दी।
इस बीच, महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हेमा समिति की रिपोर्ट में किए गए खुलासों पर कार्रवाई की मांग करते हुए यहां पुलिस महानिदेशक कार्यालय तक मार्च निकाला।
राज्यसभा सदस्य जेबी माथर ने कहा कि सरकार को इस मामले की जांच के लिए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की महिला अधिकारियों का एक दल गठित करना चाहिए।
न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट में मलयालम सिनेमा में महिलाओं के यौन उत्पीड़न पर आश्चर्यजनक खुलासों ने केरल में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है।
सोमवार को सामने आई बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट में फिल्म उद्योग में महिला पेशेवरों के उत्पीड़न, शोषण और दुर्व्यवहार के विस्फोटक विवरण दर्ज किए गए हैं और आरोप लगाया गया है कि एक “आपराधिक गिरोह” इस उद्योग को नियंत्रित कर रहा है।
भाषा
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