वर्ष 2019 से अब तक 18,179 बच्चे गोद लिए गए, 1,404 विशेष आवश्यकता वाले
शुभम रंजन
- 25 Aug 2024, 04:31 PM
- Updated: 04:31 PM
नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) वर्ष 2019 से अब तक दर्ज किए गए गोद लेने के 18,179 मामलों में से केवल 1,404 विशेष आवश्यकता वाले बच्चे शामिल थे, जबकि अगले पांच वर्षों में गोद लेने के मामलों की कुल संख्या में वृद्धि देखी गई । यह जानकारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक है।
कार्यकर्ताओं ने बताया कि यद्यपि गोद लेने के लिए विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की संख्या में वृद्धि हुई है फिर भी गोद लेने की दर अब भी काफी कम है।
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को शारीरिक, विकासात्मक, व्यवहारिक या भावनात्मक चुनौतियों के कारण अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता होती है।
केंद्रीय दत्तक-शास्त्र संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए) ने 'पीटीआई भाषा' द्वारा दायर एक आरटीआई प्रश्न के जवाब में कहा कि 2019-20 में भारत में कुल 3,745 गोद लिए गए जिनमें 3,351 देश में और 394 अंतरराष्ट्रीय थे। कुल संख्या में से विशेष जरूरतों वाले केवल 56 लड़कों और 110 लड़कियों को गोद लिया गया।
वर्ष 2020-21 में कुल 3,559 गोद लिए गए जिनमें 3,142 देश के अंदर और 417 अंतरदेशीय शामिल हैं। इस वर्ष केवल विशेष जरूरत वाले 110 लड़कों और 133 लड़कियों को गोद लिया गया।
वर्ष 2021-22 में गोद लिए गए बच्चों की संख्या मामूली रूप से घटकर 3,405 रह गई जिनमें से 2,991 देश में और 414 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर थे। गोद लिए गए बच्चों की कुल संख्या में विशेष जरूरत वाले 136 लड़के और 206 लड़कियां शामिल थीं।
वर्ष 2022-23 में गोद लिए गए बच्चों की संख्या 3,441 थी जिनमें 3,010 देश के अंदर और 431 अंतरदेशीय थे। इसमें विशेष आवश्यकता वाले 156 लड़कों और 188 लड़कियों को दत्तक परिवार मिले।
वर्ष 2023-24 में गोद लिए गए बच्चों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और यह 4,029 हो गई है जिनमें 3,580 देश में और 449 अंतरराष्ट्रीय हैं। इनमें विशेष आवश्यकता वाले 135 लड़के और 174 लड़कियां शामिल हैं।
पिछले पांच सालों में विशेष ज़रूरतों वाले बच्चों को गोद लेने की दर में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
सीएआरए के अनुसार पांच जुलाई 2024 तक भारत भर में बाल देखभाल संस्थानों में विशेष आवश्यकता वाले 420 बच्चे गोद लिए जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) 'फैमिलीज ऑफ जॉय' के संस्थापक अविनाश कुमार ने कहा कि जुलाई 2024 तक गोद लेने के लिए कानूनी रूप से उपलब्ध 1,709 बच्चों में से 76 प्रतिशत विशेष जरूरतों वाले थे।
अविनाश कुमार ने कहा कि देश भर में दो साल से कम उम्र के सिर्फ 25 स्वस्थ बच्चे गोद लेने के लिए उपलब्ध हैं जो कुल संख्या का सिर्फ एक प्रतिशत है। 19 राज्यों में 10 साल से कम उम्र के कोई भी स्वस्थ बच्चे गोद लेने के लिए उपलब्ध नहीं हैं।
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का वर्गीकरण विवादास्पद बना हुआ है।
भाषा शुभम