छात्र समाज का नबन्ना अभियान अवैध, आयोजकों ने नहीं ली मंजूरी : बंगाल पुलिस
प्रशांत रंजन
- 26 Aug 2024, 04:48 PM
- Updated: 04:48 PM
कोलकाता, 26 अगस्त (भाषा) कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में प्रशिक्षु स्नातकोत्तर डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र संगठन ‘छात्र समाज’ द्वारा 27 अगस्त को प्रस्तावित ‘नबन्ना अभियान’ रैली को ‘अवैध’ करार देते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस ने सोमवार को कहा कि आयोजकों ने इसके लिये मंजूरी नहीं ली है।
पुलिस ने कहा कि उसने विरोध मार्च के दौरान कानून- व्यवस्था संबंधी संभावित समस्याओं की चिंता के कारण आवश्यक एहतियाती कदम उठाए हैं।
पश्चिम बंगाल के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एवं महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) मनोज वर्मा ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि किसी भी व्यक्ति या संगठन ने राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ तक ऐसी रैली आयोजित करने की अनुमति नहीं मांगी है। राज्य सचिवालय एक प्रतिबंधित क्षेत्र है।
सरकार ने पहले ही बीएनएसएस की धारा 163 के तहत नबन्ना के निकट निषेधाज्ञा लागू कर दी है, जिससे पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर रोक लग गई है।
वर्मा ने संवाददाताओं को बताया, “हमें विभिन्न मीडिया चैनलों और सोशल मीडिया के माध्यम से ‘नबन्ना अभायान’ रैली के बारे में पता चला है। आज तक, न तो किसी व्यक्ति न ही किसी संगठन ने अनुमति के लिए आवेदन किया है, ऐसे में यह आयोजन अवैध है।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चूंकि नबन्ना एक प्रतिबंधित क्षेत्र है, इसलिए वहां किसी भी नियोजित कार्यक्रम के लिए पुलिस की मंजूरी की आवश्यकता होती है, जो शायद ही कभी दी जाती है।
वर्मा ने यह भी कहा कि पुलिस को खुफिया जानकारी मिली है कि 27 अगस्त को रैली के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा और अराजकता भड़काने की कोशिश की जा सकती है।
उन्होंने कहा, “हमें विभिन्न स्रोतों से जानकारी मिल रही है कि निहित स्वार्थ वाले कुछ उपद्रवी तत्व पुलिस को भड़काने के लिए कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका वे फिर फायदा उठाएंगे।”
वर्मा ने आश्वासन दिया कि पुलिस इन सूचनाओं पर काम कर रही है तथा उन्होंने कहा कि आयोजक अपने कार्यक्रम के लिए कोई वैकल्पिक स्थान चुनते हैं तो उन्हें सहायता देने की इच्छा व्यक्त की।
उन्होंने कहा, “हम कोलकाता और हावड़ा में अन्य स्थानों पर भी उनके लिए व्यवस्था करने के लिए तैयार हैं, बशर्ते वे कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करें।”
इसके अतिरिक्त, वर्मा ने मंगलवार को होने वाली यूजीसी नेट परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को आश्वासन दिया कि यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है कि वे बिना किसी व्यवधान के परीक्षा दे सकें।
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