विपक्ष हमारी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के भार तले दफन हो जाएगा: हेमंत सोरेन
राजकुमार नेत्रपाल
- 28 Aug 2024, 07:44 PM
- Updated: 07:44 PM
सरायकेला, 28 अगस्त (भाषा) झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना करते हुए कहा कि दो दशक के विपक्षी शासन की तुलना में उनकी सरकार ने पिछले साढ़े चार साल में जितनी व्यापक कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं उनके तले विपक्षी दल दब जाएंगे।
सोरेन ने कोल्हान संभाग में मैया सम्मान योजना शुरू किए जाने के अवसर पर कहा, ‘‘हमारी सरकार ने पिछले साढ़े चार साल में बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं और किसानों सहित 40 लाख से ज़्यादा लोगों को पेंशन मुहैया कराई है। यह ‘डबल इंजन’ सरकार के 20 साल के 15 लाख लाभार्थियों के रिकॉर्ड से बिलकुल अलग है।’’
कोल्हान संभाग में पूर्वी एवं पश्चिम सिंहभूम तथा सरायकेला खारसवां जिले आते हैं।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गठबंधन सरकार पुराने बिजली बिल माफ करने पर विचार कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम पहले ही किसानों के दो लाख रुपये तक के ऋण माफ कर चुके हैं और अब हम पुराने बिजली बिल को माफ करने पर काम कर रहे हैं। यह एक ऐसा वादा है जो तब हमसे रह गया था जब हमने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का फैसला किया था।’’
सोरेन ने यह भी दावा किया कि राज्य में कोई भी बुजुर्ग व्यक्ति पेंशन लाभ से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने कोल्हान संभाग में लगभग छह लाख लाभार्थियों तक प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 57.38 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहुंचाई है, जिसमें पूर्वी सिंहभूम में 2.47 लाख लाभार्थियों को मिले 24.73 करोड़ रुपये शामिल हैं।
सोरेन ने भाजपा पर जाति और पंथ के आधार पर समाज को बांटने के लिए सांप्रदायिक नफरत फैलाने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल उन्हें गलत तरीके से फंसाने के लिए किया गया।
सोरेन ने कहा कि योद्धाओं की भूमि झारखंड चुनौतियों का सामना करने के बावजूद हार नहीं मानेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम अपने अधिकारों को सुरक्षित नहीं रख सकते, तो हम उनके लिए जरूर लड़ेंगे।’’
उन्होंने उच्चतम न्यायालय के हाल के उस फैसले का जिक्र किया, जिसमें केंद्र सरकार से कोयला रॉयल्टी के 1.80 लाख करोड़ रुपये जारी करने की बात कही गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी भले ही दूसरों की तरह शिक्षित न हों, लेकिन विपक्ष ने उन्हें धोखा देने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने आदिवासी शिक्षा में सुधार लाने और जमीन गिरवी रखे बिना उच्च शिक्षा में उनकी मदद प्रदान करने के लिए योजनाएं बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है।
भाषा राजकुमार