चाचा नेहरू अस्पताल में 2019 से पांच साल से कम उम्र के 4,000 से अधिक बच्चों की मौत: आरटीआई का आंकड़ा
प्रशांत वैभव
- 28 Aug 2024, 07:56 PM
- Updated: 07:56 PM
नयी दिल्ली, 28 अगस्त (भाषा) दिल्ली सरकार द्वारा संचालित चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में 2019 से इस साल जून तक सेप्सिस, निमोनिया और सेप्टिक शॉक जैसी विभिन्न बीमारियों के कारण पांच साल से कम उम्र के 4,000 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मिले आंकड़ों से यह जानकारी सामने आयी।
इनमें सबसे ज्यादा मौत 2019 में दर्ज की गईं जो 875 थीं, जबकि सबसे कम मौत पिछले साल 548 दर्ज की गईं। इस साल जून तक कुल 314 बच्चों की मौत हुई।
जब देश 2020 और 2021 में कोविड-19 महामारी की कई लहरों से जूझ रहा था, उस दौरान बच्चों के इस अस्पताल में 866 और 626 बच्चों की मौत हुई।
इस बारे में प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए अस्पताल के अधिकारियों को किए गए फोन कॉल और संदेशों पर कोई जवाब नहीं मिला।
यह आंकड़ा सूचना का अधिकार (आरटीआई) कार्यकर्ता अमित गुप्ता के साथ साझा किया गया, जिन्होंने दिल्ली सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में बच्चों की मृत्यु दर के बारे में आंकड़ा मांगा था।
गुप्ता को हालांकि केवल चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय से आंकड़ा प्राप्त हुआ, जिसमें कहा गया कि 2019 से इस वर्ष जून के बीच पांच वर्ष से कम आयु के 4,095 बच्चों की मृत्यु हुई।
आंकड़ों से पता चला है कि 2022 में इस आयु वर्ग में मृत्यु दर 866 दर्ज की गई, जबकि उसके बाद के वर्ष में यह संख्या घटकर 548 रह गई।
आरटीआई के जवाब के अनुसार, अस्पताल ने इन मौतों के मुख्य कारणों में सेप्सिस, निमोनिया, सेप्टिक शॉक और सेप्टीसीमिया का उल्लेख किया है।
जून में आरटीआई दाखिल करने वाले गुप्ता ने कहा, “मैं बच्चों की मौत के कुछ मामलों के बारे में पढ़ रहा था, इसलिए मैं राष्ट्रीय राजधानी में स्थिति की जांच करना चाहता था। मैंने आरटीआई दायर की। मैंने स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) को लिखा, और अनुरोध स्थानांतरित कर दिया गया।”
उन्होंने कहा, “मुझे अंततः केवल चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय से ही आंकड़ा प्राप्त हुआ और मैं अभी अन्य अस्पतालों से प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा कर रहा हूं। आंकड़ा चौंकाने वाला है, खासकर यह देखते हुए कि दिल्ली में सबसे बेहतरीन स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचों में से एक है। हमें इन मौतों को कम करने की आवश्यकता है।”
चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय सरकार द्वारा संचालित एक अत्याधुनिक सुपर-स्पेशलिटी बाल चिकित्सा अस्पताल है।
भाषा प्रशांत