पश्चिम बंगाल: दुर्गा पूजा आयोजकों को महोत्सव और विरोध प्रदर्शन साथ हो सकने की उम्मीद
सिम्मी नेत्रपाल
- 09 Sep 2024, 11:40 PM
- Updated: 11:40 PM
कोलकाता, नौ सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरजी कर अस्पताल की चिकित्सक से कथित बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों से त्योहार की तैयारी करने का आग्रह किया है, लेकिन अधिकतर दुर्गा पूजा आयोजकों ने उम्मीद जताई कि उत्सव और आंदोलन साथ-साथ जारी रह सकते हैं।
दुर्गा पूजा का बड़े पैमाने पर आयोजन करने के लिए प्रसिद्ध ‘संतोष मित्रा स्क्वायर पूजा समिति’ ने कहा कि त्योहार हमेशा की तरह मनाया जाएगा लेकिन वे प्रशिक्षु चिकित्सक के लिए न्याय की मांग भी करना जारी रखेंगे।
त्रिधारा सम्मिलनी पूजा के आयोजक और ‘दुर्गोत्सव मंच’ के वरिष्ठ सदस्य देबाशीष कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने अपील की है और हम मात्र एक महीने बाद आने वाले महोत्सव की तैयारियों को आगे बढ़ा रहे हैं।’’
इससे पहले, बनर्जी ने आयोजकों से बलात्कार-हत्या की दुखद घटना के बावजूद महोत्सव की तैयारी करने का आग्रह किया था।
राज्य सचिवालय नबान्न में एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक में ममता ने कहा, ‘‘आरजी कर की स्तब्धकारी घटना को हुए एक महीना बीत चुका है। अब कृपया त्योहार की तैयारी करें जो 30 दिन बाद है।’’
जब तक न्याय नहीं मिल जाता, तब तक महोत्सव का बहिष्कार करने को लेकर सोशल मीडिया पर जारी अभियानों के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा, ‘‘हम इंतजाम करेंगे। यदि आगंतुक नहीं आना चाहते, तो हमारा पंडाल खाली रहेगा। हम महिला चिकित्सक एवं उसके परिवार के लिए न्याय और हर महिला की सुरक्षा की मांग करते हैं।’’
रासबिहारी सीट से तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुमार ने कहा, ‘‘जो लोग जश्न मनाना चाहते हैं, उन्हें त्योहार के पांच दिन के दौरान रोका नहीं जाना चाहिए।’’
मंच के संस्थापक सदस्य और शिवमंदिर दुर्गा पूजा समिति के अधिकारी पार्थ घोष ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री की अपील पर गौर किया गया है और कई श्रमिकों की मदद से हमारी तैयारियां जारी हैं। हमें उम्मीद है कि जो लोग हमारे पंडाल में आना चाहते हैं, वे निराश नहीं होंगे।’’
मंच के सोशल मीडिया संदेश में कहा गया है, ‘‘चलचित्रो थकले खाली, भालो की लगबे बंगालीर? (अगर मंच खाली हो, तो क्या इससे बंगाली खुश होंगे?) बिचार जुरोक मायेर खातो, पूजो फिरुक अगर मोटो। (न्याय हमारी बेटी को खोने के घाव को भर दे और पहले की तरह दुर्गा पूजा हो।)’’
भाषा सिम्मी