भारतीय किसान संघ ने सोयाबीन के लिए 6,000 रुपये एमएसपी की मांग को लेकर मध्यप्रदेश में प्रदर्शन किया
दिमो नोमान
- 16 Sep 2024, 08:23 PM
- Updated: 08:23 PM
भोपाल, 16 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े भारतीय किसान संघ (बीकेएस) ने सोमवार को मध्यप्रदेश में विरोध प्रदर्शन किया और सोयाबीन के लिए 6,000 रुपये क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मांग की। भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने सोयाबीन के लिए 4,892 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी स्वीकृत की है।
बीकेएस का विरोध प्रदर्शन सोयाबीन के एमएसपी में बढ़ोतरी के लिए 20 सितंबर को राज्य कांग्रेस के प्रस्तावित आंदोलन से कुछ दिन पहले हुआ है।
बीकेएस के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह अंजना ने शाजापुर से ‘पीटीआई -भाषा’ को बताया कि सभी 55 जिलों में धरना-प्रदर्शन को जबरदस्त समर्थन मिला और हजारों किसानों ने इसमें हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि राज्य सरकार किसानों से छह हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से सोयाबीन खरीदे। इसमें राज्य सरकार की ओर से बोनस भी शामिल हो सकता है।"
बीकेएस नेता राहुल धूत ने कहा कि पूरे राज्य में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किए गए।
मध्यप्रदेश कांग्रेस ने किसानों के लिए एमएसपी में बढ़ोतरी की मांग करते हुए 10 सितंबर को किसान न्याय यात्रा शुरू की। उसी दिन राज्य मंत्रिमंडल ने सोयाबीन के लिए एमएसपी 4,000 रुपये से बढ़ाकर 4,892 रुपये प्रति क्विंटल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी और इसे मंजूरी के लिए केंद्र को भेज दिया।
बीकेएस ने भी विरोध क्यों शुरू किया, यह पूछे जाने पर अंजना ने कहा कि किसान संगठन एक महीने से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहा है और इस मुद्दे को उठा रहा है।
उन्होंने कहा, "हमने गांवों से शुरुआत की, फिर तहसीलों में चले गए और अब जिलों के मुख्यालयों पर किसानों की मांग उठा रहे हैं।"
मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संबोधित ज्ञापन विभिन्न जिलों के कलेक्टरों को सौंपे गए जिनमें बीकेएस ने सोयाबीन के लिए 6,000 रुपये प्रति क्विंटल, गेहूं के लिए 2,700 रुपये और धान के लिए 3,100 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी की मांग की गई है।
भारतीय किसान संघ ने एक विज्ञप्ति में चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे मुख्यमंत्री यादव के आवास का घेराव करेंगे।
किसान संगठन ने कहा कि भाजपा को अपना वादा निभाना चाहिए और पार्टी को याद दिलाया कि उसने पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले धान की खरीद 3,100 रुपये और गेहूं की खरीद 2,700 रुपये प्रति क्विंटल करने की घोषणा की थी।
भाषा दिमो