राजस्थान : जल जीवन मिशन मामले में राज्यपाल ने पूर्व मंत्री महेश जोशी के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दी
पृथ्वी जितेंद्र
- 16 Sep 2024, 11:27 PM
- Updated: 11:27 PM
जयपुर, 16 सितंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जल जीवन मिशन योजना में राजस्थान में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले में अपनी जांच का दायरा बढ़ाएगा। आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को बताया कि राज्यपाल ने हाल ही में राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को पूर्व जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचईडी) मंत्री महेश जोशी के खिलाफ अभियोजन को मंजूरी दी है।
सूत्रों ने बताया कि ईडी द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 66(2) के तहत एसीबी के साथ मामले से संबंधित ‘अपराध साबित करने वाले साक्ष्य’ साझा किए जाने के बाद यह मंजूरी दी गई।
ईडी ने इस मामले में जोशी के परिसरों सहित कई स्थानों पर तलाशी ली थी तथा एक कथित बिचौलिए और कुछ ठेकेदारों सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया। एसीबी के महानिदेशक (डीजी) रवि प्रकाश मेहरड़ा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि राज्यपाल ने पूर्व मंत्री (जोशी) के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति लगभग एक महीने पहले जारी की थी।
उन्होंने बताया, “चूंकि राज्यपाल मंत्री को नियुक्त करते हैं इसलिए वह ऐसी अभियोजन स्वीकृति जारी करने के लिए सक्षम होते हैं।”
सूत्रों ने बताया कि एसीबी ने लंबित मामले में कथित तौर पर संलिप्त 15 अधिकारियों के खिलाफ इसी तरह की मंजूरी मांगी है।
ईडी के सूत्रों ने बताया कि इस मंजूरी से मामले की जांच ‘मजबूत’ होगी और अब वह आरोपियों द्वारा कथित अनियमितताओं के जरिए कमाए गए सारे ‘धन’ की जांच कर सकेगी।
ईडी के एक अधिकारी ने बताया, “अभियुक्तों की तलाशी और पूछताछ के दौरान एजेंसी (ईडी) द्वारा एकत्र किए गए महत्वपूर्ण साक्ष्यों को पीएमएलए की धारा 66 (2) के तहत राजस्थान की एसीबी के साथ साझा किया गया, जिसके चलते पूर्व मंत्री (जोशी) के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दी गई।”
उन्होंने बताया कि ईडी द्वारा धन शोधन मामले की जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन (जेजेएम) का उद्देश्य घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है और इसे राजस्थान में राज्य के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है।
ईडी की जांच एसीबी द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी पर आधारित है।
ईडी ने मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी के मालिक महेश मित्तल, श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी के मालिक पदमचंद जैन, पीयूष जैन नामक एक व्यक्ति और कथित बिचौलिया संजय बड़ाया शामिल है।
ईडी ने इस मामले में 11 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की है।
भाषा पृथ्वी