राहुल गांधी के बारे में विवादित बयान देने को लेकर भाजपा सांसद अनिल बोंडे के खिलाफ मामला दर्ज
जोहेब माधव
- 18 Sep 2024, 09:12 PM
- Updated: 09:12 PM
अमरावती, 18 सितंबर (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बारे में विवादित बयान देने के लिए बुधवार को भाजपा के राज्यसभा सदस्य अनिल बोंडे के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
हालांकि, बोंडे अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने अमेरिकी विश्वविद्यालय में आरक्षण के मुद्दे पर की गई टिप्पणी को लेकर गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
बोंडे ने आरक्षण के बारे में गांधी की टिप्पणियों को “खतरनाक” बताते हुए उनकी जीभ दागने की बात कहकर विवाद खड़ा कर दिया। उनका कहना है कि आरक्षण के संबंध में राहुल गांधी के बयान से बहुजन और बहुसंख्यक समुदायों की भावनाएं आहत हुई हैं।
प्राथमिकी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा सांसद ने बाद में नागपुर में कहा कि इसके बजाय राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने भारत के 70 प्रतिशत लोगों के मन में यह आशंका पैदा कर दी है कि उनका आरक्षण छीना जा सकता है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, “उन्होंने यह इच्छा विदेश में व्यक्त की है। इसलिए राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए।”
बोंडे ने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के भाजपा कार्यकर्ता थाने जाएंगे और यह मांग करेंगे।
इससे पहले, शहर के पुलिस आयुक्त के कार्यालय के बाहर अमरावती के सांसद बलवंत वानखेड़े, विधायक यशोमति ठाकुर, पूर्व मंत्री सुनील देशमुख समेत कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के धरने के बाद बोंडे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
अमरावती के राजापेठ थाने में सांसद अनिल बोंडे के खिलाफ धारा 192 (दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाना), धारा 351 (2) (जानबूझकर किसी अन्य व्यक्ति को आपराधिक बल के प्रयोग के लिए विवश करना) और 356 (मानहानि के लिए सजा) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बोंडे ने मंगलवार को शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था, “जीभ काटने जैसी भाषा उचित नहीं है, लेकिन राहुल जी ने आरक्षण के खिलाफ जो कहा, वह खतरनाक है।”
बोंडे ने कहा, “इसलिए अगर कोई विदेश में कुछ भी बेतुका बोलता है, तो उसकी जीभ काटने के बजाय दाग दी जानी चाहिए। ऐसे लोगों की जीभ दागना जरूरी है - चाहे वो राहुल गांधी हों, ज्ञानेश महाराव हों या श्याम मानव या फिर बहुजनों और बहुसंख्यकों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले लोग हों।”
महाराव नामक लेखक पर हाल ही में हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है, जबकि मानव अंधविश्वास विरोधी कार्यकर्ता हैं।
भाषा जोहेब