केरल: वामपंथी विधायक ने मुख्यमंत्री के करीबियों पर हमले तेज किए
जोहेब रंजन
- 20 Sep 2024, 06:43 PM
- Updated: 06:43 PM
मलप्पुरम (केरल), 20 सितंबर (भाषा) वाम मोर्चा विधायक पी .वी. अनवर ने एडीजीपी एम. आर. अजित कुमार और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव पी. शशि के खिलाफ हमला तेज कर मुख्यमंत्री कार्यालय की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
अजित कुमार के खिलाफ जांच की मांग के संबंध में माकपा और मुख्यमंत्री दोनों से आश्वासन मिलने के बावजूद अनवर ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि एडीजीपी के खिलाफ आरोपों की राज्य पुलिस प्रमुख द्वारा की जा रही जांच के साथ-साथ एक अवैध समानांतर जांच भी की जा रही है।
नीलांबुर के विधायक ने कहा कि समानांतर जांच का उद्देश्य उन स्रोतों का पता लगाना है जहां से उन्हें अजित कुमार और अन्य के खिलाफ सबूत मिले।
विधायक ने यहां संवाददाताओं से कहा कि अजित कुमार सभी पुलिस नियमों का उल्लंघन करते हुए समानांतर जांच कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि समानांतर जांच केरल पुलिस के इतिहास में अभूतपूर्व बात है। विधायक ने कहा, “अजित कुमार यह साबित कर रहे हैं कि न तो सरकार, न ही मुख्यमंत्री, न ही गृह विभाग और न ही पुलिस नियम उन पर लागू होते हैं। यह उल्लंघन ही उन्हें निलंबित करने के लिए पर्याप्त है।”
अनवर ने एडीजीपी खिलाफ नए आरोप ऐसे समय में लगाए हैं जब एक दिन पहले ही विजयन के गृह विभाग ने सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को अजित के खिलाफ जांच करने का आदेश दिया था।
एजेंसी अनवर द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करेगी, जिसमें रिश्वत लेना और धन का दुरुपयोग करना शामिल है।
मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव शशि पर निशाना साधते हुए नीलांबुर के विधायक ने आरोप लगाया कि उन्होंने यह धारणा बनाने में मदद की, कि अजित कुमार के खिलाफ सतर्कता जांच में देरी के लिए विजयन जिम्मेदार हैं।
अनवर ने दावा किया कि माकपा के मुखपत्र में बताया गया है कि सतर्कता जांच के संबंध में डीजीपी की फाइल बृहस्पतिवार रात को मुख्यमंत्री के पास पहुंची और उन्होंने तुरंत जांच की अनुमति दे दी।
अनवर ने कहा, “हालांकि, पिछले सात दिन से यह फाइल कहां थी। केरल के लोग पूछ रहे हैं कि जांच में देरी क्यों हुई।”
मुख्यमंत्री के दो करीबियों के खिलाफ सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक के आरोप लगाने के बाद विपक्षी कांग्रेस ने कहा कि विजयन अनवर से डरते हैं।
राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी. डी. सतीशन ने कोच्चि में संवाददाताओं से कहा, “पिछले 15 दिन से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) समर्थित विधायक मुख्यमंत्री के खिलाफ बोल रहे हैं, फिर भी कुछ नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री भी उनसे डरते हैं।"
भाषा जोहेब