भाजपा के सत्ता में आने के बाद से असम में गैंडे के शिकार में 86 प्रतिशत कमी आई : हिमंत
सुभाष नरेश
- 22 Sep 2024, 05:33 PM
- Updated: 05:33 PM
(फोटो के साथ)
गुवाहाटी, 22 सितंबर (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा कि 2016 में राज्य में भाजपा के पहली बार सरकार बनाने के बाद से गैंडे के शिकार में 86 प्रतिशत तक कमी आई है।
विश्व गैंडा दिवस के संबंध में ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए शर्मा ने कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य के गैंडे पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘धन्यवाद, माननीय प्रधानमंत्री!... 2016 में डबल इंजन सरकार के सत्ता में आने के बाद से, अवैध शिकार में 86 प्रतिशत की कमी आई है। हम अपनी जीवंत विरासत को बढ़ावा देने और संरक्षित करने की आपकी प्रतिबद्धता के लिए बहुत आभारी हैं।’’
इससे पहले, मोदी ने ‘एक्स’ पर किये गए अपने पोस्ट में कहा, ‘‘आज विश्व गैंडा दिवस पर, आइए हम अपने ग्रह के सबसे विशिष्ट जीवों में से एक - गैंडों की रक्षा की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराएं। पिछले कई वर्षों से गैंडों के संरक्षण के प्रयासों में शामिल सभी लोगों को बधाई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत गर्व की बात है कि भारत में बड़ी संख्या में एक सींग वाले गैंडे रहते हैं। मुझे असम में काजीरंगा की अपनी यात्रा भी याद आती है और मैं आप सभी से वहां भी जाने का आग्रह करता हूं।’’
गैंडे, असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान सहित कई जंगलों में पाए जाते हैं। इससे पहले दिन में, मोदी ने इस वन्य जीव की रक्षा के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और गैंडे के संरक्षण में शामिल लोगों के प्रयासों की सराहना की।
पर्यावरण एवं वन मंत्री चंद्रमोहन पटवारी ने कहा कि असम सरकार अवैध शिकार रोधी उपायों को मजबूत करने, संरक्षित क्षेत्रों का विस्तार करने तथा वन्यजीवों के सच्चे संरक्षक कहे जाने वाले स्थानीय समुदायों के साथ जुड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
असम वन विभाग ने एक पोस्ट में कहा कि सुरक्षा और संरक्षण उपायों में वृद्धि के कारण पिछले कुछ वर्षों में गैंडों की आबादी में वृद्धि हुई है। इसने यह भी कहा कि गैंडों की आबादी 1960 के दशक में लगभग 600 से बढ़कर अब 3,000 से अधिक हो गई है।
इस बीच, पुलिस महानिदेशक जी पी सिंह ने कहा, ‘‘लगभग आधी सदी के बाद, 2022 ऐसा पहला साल है जब असम में एक भी गैंडे का शिकार नहीं हुआ।’’
भाषा सुभाष