तिरुपति लड्डू विवाद: अदालत की निगरानी में जांच के अनुरोध के साथ स्वामी पहुंचे न्यायालय
सुरेश अविनाश
- 23 Sep 2024, 05:34 PM
- Updated: 05:34 PM
नयी दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने तिरुपति लड्डू बनाने में पशुओं की चर्बी के कथित इस्तेमाल की जांच अदालत की निगरानी में किये जाने के अनुरोध के साथ सोमवार को उच्चतम न्यायालय का रुख किया।
भाजपा नेता ने न्यायालय से अनुरोध किया कि वह आंध्र प्रदेश सरकार को लड्डू बनाने में इस्तेमाल किए गए घी के स्रोत और नमूने पर एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दे।
स्वामी ने न्यायालय से यह भी आग्रह किया कि वह संबंधित अधिकारियों से विस्तृत फोरेंसिक रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए अंतरिम निर्देश जारी करे।
याचिका में कहा गया है, ‘‘प्रसाद बनाने में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न सामग्रियों की आपूर्ति करने वाले आपूर्तिकर्ताओं की गुणवत्ता या उसकी कमी की निगरानी और सत्यापन के लिए आंतरिक रूप से अंकुश होना चाहिए था।’’
स्वामी ने अपनी याचिका के बारे में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट भी किया।
उन्होंने पोस्ट में लिखा, "आज मैंने एक जनहित याचिका दायर कर उच्चतम न्यायालय से मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के निराधार आरोपों की जांच के निर्देश देने की मांग की है। नायडू ने आरोप लगाया है कि तिरुपति तिरुमाला मंदिर के प्रसाद में जानवरों के मांस और अन्य सड़े हुए पदार्थों की मिलावट की गई है, जिससे भक्तों में अफरा-तफरी मच गई है।"
इसके अलावा, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के पूर्व अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य वाई.वी. सुब्बा रेड्डी ने भी न्यायालय में याचिका दायर कर शीर्ष अदालत के सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व वाली एक स्वतंत्र समिति द्वारा जांच कराये जाने का अनुरोध किया है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के इस दावे ने बड़े पैमाने पर राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है कि वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार के दौरान तिरुपति के लिए लड्डू बनाने में जानवरों की चर्बी का इस्तेमाल किया गया था।
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने दावा किया कि नायडू राजनीतिक लाभ के लिए "घृणित आरोप" लगा रहे हैं।
टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी जे श्यामला राव ने 20 सितंबर को एक संवाददाता सम्मेलन में बताया था कि प्रयोगशाला परीक्षणों से पता चला है कि चयनित नमूनों में पशु वसा और चर्बी की मौजूदगी है और बोर्ड "मिलावटी" घी की आपूर्ति करने वाले ठेकेदार को काली सूची में डालने की प्रक्रिया में है।
भाषा सुरेश