कानपुर में हिंदू संगठनों ने भारत-बांग्लादेश टेस्ट मैच रद्द करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया
रंजन नमिता
- 27 Sep 2024, 03:34 PM
- Updated: 03:34 PM
कानपुर (उप्र) 27 सितंबर (भाषा) कानपुर नगर के ग्रीन पार्क से लगभग 1500 मीटर दूर ‘सद्भावना चौराहे’ पर शुक्रवार को हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ किया और आज के ‘भारत-बांग्लादेश टेस्ट मैच' को रद्द करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।
ग्रीन पार्क में शुक्रवार को सुबह दोनों देशों के बीच टेस्ट मैच शुरू हुआ।
पुलिस के अनुसार विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल सहित हिंदू कार्यकर्ताओं के विरोध की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारी तुरंत सक्रिय हो गये।
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) अंकिता शर्मा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल प्रदर्शन स्थल पर पहुंचा और प्रदर्शनकारियों को ग्रीन पार्क स्टेडियम की ओर बढ़ने से रोक दिया।
एक अधिकारी ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत उप्र पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) और खुफिया एजेंसियों को इस मुद्दे पर कड़ी निगरानी रखने और किसी भी स्थिति से निपटने के मद्देनजर तैयार रहने के लिए सतर्क कर दिया।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अंकिता शर्मा ने पीटीआई—भाषा को बताया कि बजरंग दल और विहिप समेत हिंदू दक्षिणपंथी संगठनों के दर्जनों सदस्यों ने प्रदर्शन किया और हनुमान चालीसा का पाठ किया।
उन्होंने बताया कि गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पड़ोसी बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का हवाला देते हुए ग्रीन पार्क स्टेडियम में भारत और बांग्लादेश के बीच जारी टेस्ट मैच को रद्द करने की मांग की।
शर्मा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस आयुक्त को संबोधित एक लिखित ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें उन्होंने कानपुर में भारत और बांग्लादेश के बीच टेस्ट मैच के आयोजन की कड़ी निंदा की और इसे अनुचित एवं अपमानजनक कृत्य बताया।
हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कानून अपने हाथ में न लेने के लिए शांत किया और ज्ञापन लेने के बाद उन्हें वहां से खदेड़ दिया।
अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) हरीश चंदर ने बताया कि एक सप्ताह पहले ही अखिल भारतीय हिंदू महासभा के 20 सदस्यों के खिलाफ बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में स्टेडियम के सामने सड़क को अवरुद्ध करके कथित तौर पर 'हवन' आयोजित करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
भाषा सं आनन्द
रंजन नमिता