सोपोर विधानसभा: अफजल गुरु के भाई को रोजगार और विकास के वादे के भरोसे जीतने की उम्मीद
जितेंद्र माधव
- 28 Sep 2024, 05:05 PM
- Updated: 05:05 PM
(ताज जेहरा)
सोपोर (जम्मू-कश्मीर), 28 सितंबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर की सोपोर विधानसभा सीट से विकास और रोजगार के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे एजाज अहमद गुरु का कहना है कि उनके विधानसभा क्षेत्र के सामने आने वाली चुनौतियां केंद्र शासित प्रदेश की व्यापक समस्याओं को दर्शाती हैं।
एजाज अहमद गुरु, संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु के भाई हैं।
क्षेत्र के उत्थान और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के वादे के साथ गुरु अपने भाई की छवि से अलग अपनी राजनीतिक पहचान बनाने के लिए चुनाव मैदान में हैं।
गुरु ने ‘पीटीआई-वीडियो’ सेवा के साथ एक साक्षात्कार में कहा, “मेरे भाई का दृष्टिकोण अलग था और मेरा अलग है।”
एजाज गुरु ने इस बात पर जोर दिया कि उनका ध्यान अलगाववादी विचारधाराओं के बजाय विकास पर है।
अफजल गुरु को दिसंबर 2001 में संसद पर हमले की साजिश रचने के आरोप में नौ फरवरी 2013 को तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी। निर्दलीय उम्मीदवार एजाज अहमद गुरु ने संविधान को बनाए रखने और सोपोर की गंभीर समस्याओं को दूर करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
मैट्रिक की पढ़ाई पूरी नहीं करने वाले एजाज गुरु ने कहा कि इस क्षेत्र को वर्षों से उपेक्षा का सामना करना पड़ा है। किसी जमाने में सेब के बागों के लिए प्रसिद्ध रहा सोपोर 1990 के दशक की शुरुआत में आतंकवाद के गढ़ के रूप में तब्दील हो गया था।
अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी इस सीट से तीन बार निर्वाचित हुए थे। वह आखिरी बार 1987 में विधायक के रूप में चुने गये थे।
सोपोर की गलियों और कस्बों में प्रचार करते हुए गुरु ने स्थानीय अर्थव्यवस्था की खस्ता हालत को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा, “सोपोर के युवा बेरोजगार हैं और पिछले चार-पांच वर्ष में मंहगाई बढ़ने से जीवनयापन मुश्किल हो गया है। अमीर लोग भले ही इससे प्रभावित न हों लेकिन गरीब तबका और गरीब हो गया है।”
गुरु ने इन मुद्दों से निपटने और वंचितों की जरूरतों को पूरा करने की कसम खाई। उन्होंने जोर देकर कहा कि सोपोर के सामने आने वाली चुनौतियां जम्मू-कश्मीर में व्यापक समस्याओं को दर्शाती हैं।
उन्होंने कहा, “मेरा दृष्टिकोण विकास और रोजगार पर केंद्रित है।”
सोपोर विधानसभा सीट पर तीसरे चरण के तहत एक अक्टूबर को मतदान होना है।
भाषा जितेंद्र