दिल्ली की अदालत ने मानहानि मामले में सुदर्शन टीवी के प्रस्तोता और अन्य को तलब किया
देवेंद्र प्रशांत
- 23 Oct 2024, 11:40 PM
- Updated: 11:40 PM
नयी दिल्ली, 23 अक्टूबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने सुदर्शन टीवी, उसके प्रबंध संपादक और पांच अन्य को तलब करते हुए कहा है कि उनके खिलाफ प्रथमदृष्टया मानहानि का मामला बनता है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट कार्तिक तपारिया मोहम्मद तुफैल खान नामक एक व्यक्ति द्वारा दायर शिकायत पर सुनवाई कर रहे थे। शिकायत में सुदर्शन टीवी, इसके निदेशक और चैनल के समाचार प्रस्तोता एवं प्रबंध निदेशक सुरेश चव्हाणके पर मानहानि का आरोप लगाया गया है।
शिकायत में एक इस्लामी विद्वान, दो लोगों के खिलाफ मानहानि का आरोप लगाया गया है, जिन्होंने टीवी चैनल के साथ अपने साक्षात्कार में खान के खिलाफ झूठे और अपमानजनक आरोप लगाए थे और एक अन्य व्यक्ति जो खान के घर में जबरन घुस आया था और उन्हें अपमानजनक नाम से पुकारा था।
शिकायत के अनुसार खान ‘जामिया अरबिया निजामी वेलफेयर एजुकेशनल सोसाइटी’ नामक एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) और मदरसा का संचालन कर रहे हैं, जो लगभग 70 अनाथ बच्चों को आश्रय, भोजन और शिक्षा प्रदान करता है।
इसमें आरोप लगाया गया है कि पहले आरोपी, इस्लामी विद्वान मुफ्ती वजाहत कासिम ने अगस्त, 2022 में एक सोशल मीडिया मंच पर एनजीओ के बारे में अपमानजनक सामग्री पोस्ट की थी और अगले महीने एक राष्ट्रीय समाचार चैनल पर उनके खिलाफ झूठा और अपमानजनक बयान भी दिया था।
शिकायत में कहा गया है कि खान के इलाके में रहने वाला दूसरा आरोपी उनके घर में जबरन घुस आया और कई लोगों के सामने अपमानजनक शब्द का प्रयोग कर उनकी मानहानि की।
इसमें कहा गया है कि 12 अप्रैल, 2023 और 24 अप्रैल को सुदर्शन टीवी ने कार्यक्रम प्रसारित किए जिसमें दो और आरोपी व्यक्तियों द्वारा झूठे और अपमानजनक बयान दिए गए।
न्यायाधीश ने 19 अक्टूबर के आदेश में कहा, ‘‘मैंने वीडियो देखे हैं, जिनके लिंक शिकायतकर्ता ने शिकायत में दिए हैं। मैंने शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्षात्कार के प्रतिलेखों का भी अध्ययन किया है।’’
न्यायाधीश ने कहा कि उन्होंने कथित अपमानजनक वीडियो देखे हैं और वे इस बात से संतुष्ट हैं कि सुदर्शन टीवी, उसके प्रस्तोता और एमडी तथा उसके निदेशक के खिलाफ ‘‘प्रथमदृष्टया’’ मामला बनता है।
न्यायाधीश ने मामले की अगली सुनवाई की तिथि 31 जनवरी तय की।
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