गाज़ा में अंतरराष्ट्रीय डॉक्टरों की टीम युद्ध का बच्चों पर प्रभाव देखकर स्तब्ध रह गई
नोमान मनीषा
- 28 Mar 2024, 03:01 PM
- Updated: 03:01 PM
देर अल-बला, 28 मार्च (एपी) गाज़ा में अंतरराष्ट्रीय डॉक्टरों की एक टीम इज़राइल की हमास के खिलाफ जंग का प्रभाव फलस्तीनी बच्चों पर देखकर स्तब्ध रह गई।
इज़राइल के हमले में एक नवजात के सिर में गंभीर चोट आई थी जिसके बाद उसकी मौत हो गई। एक अन्य नवजात जिदंगी के लिए लड़ रही है जो उसकी रिश्ते की बहन है। इस हमले में उसका चेहरा बुरी तरह से जख्मी हुआ है।
एक अन्य घटना में 10 वर्षीय लड़का अपने माता-पिता के लिए, दर्द से चिल्ला रहा था और यह नहीं जानता था कि वे हमले में मारे गए हैं। उसके पास उसकी बहन थी लेकिन वह उसे नहीं पहचान सका, क्योंकि बहन का लगभग पूरा शरीर ही जल गया था।
दिल को झकझोर देने वाली घटनाओं का ब्यौरा तान्या हज-हमन ने ‘एसोसिएटिड प्रेस’ के साथ साझा किया है। वह जॉर्डन की बाल गहन देखभाल डॉक्टर हैं जो देर अल-बला शहर में अल-अक्सा मार्टर्स अस्पताल में आई थीं।
हज-हसन उस टीम का हिस्सा थीं जिसने हाल में दो हफ्ते की ड्यूटी पूरी की है। उनके पास गाज़ा में काम का व्यापक अनुभव है और वे नियमित रूप से युद्ध के विनाशकारी प्रभावों के बारे में बोलती हैं।
लगभग छह महीने के युद्ध के बाद, गाज़ा का स्वास्थ्य ढांचा नष्ट हो गया है। गाज़ा के 36 अस्पतालों में से लगभग एक दर्जन अस्पताल आंशिक रूप से ही काम कर रहे हैं। बाकी या तो बंद हो गए हैं या बमुश्किल काम कर रहे हैं क्योंकि उनके पास ईंधन और दवा खत्म हो गई हैं, उन्हें इज़राइली सैनिकों ने घेर लिया है और उन पर हमले किए हैं, या वे लड़ाई में क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
इससे बचे अल-अक्सा मार्टर्स जैसे अस्पताल सीमित आपूर्ति और कर्मचारियों के साथ भारी संख्या में मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
जनवरी में अल-अक्सा मार्टर्स में काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय डॉक्टरों की एक अलग टीम पास के एक गेस्टहाउस में रुकी थी। लेकिन हाल ही में इज़राइली हमलों में बढ़ोतरी के कारण, हज-हसन और उनके सहकर्मी अस्पताल में ही रुक गए।
‘इंटरनेशल रेस्क्यू कमेटी’ की गाज़ा में टीम की अगुवाई कर रहे अरविंद दास ने कहा कि इससे उन्हें स्पष्ट रूप से पता चला कि मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पताल पर कितना दवाब है।
हज-हसन का कहना है कि गाजा के स्वास्थ्य देखभाल संकट को समाप्त करने का एकमात्र तरीका यह है कि युद्ध को रोका जाए।
एपी
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