फास्ट ब्रीडर रिएक्टर दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण: विशेषज्ञ
जोहेब रंजन
- 10 Mar 2024, 04:42 PM
- Updated: 04:42 PM
(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) देश के शीर्ष परमाणु वैज्ञानिकों ने भारत के पहले प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर में कोर लोडिंग शुरू होने का स्वागत करते हुए इसे दुनिया में अपनी तरह का एक अनूठा और देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
वैश्विक परमाणु व्यवस्था में भारत को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पूर्व परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनिल काकोदकर ने प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर को वैश्विक मानकों के अनुसार प्रौद्योगिकी के मामले में एक बड़ी प्रगति करार दिया।
काकोदकर ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “चीन का फास्ट ब्रीडर को लेकर एक छोटा कार्यक्रम है। जापान, फ्रांस, अमेरिका के पास यह (फास्ट ब्रीडर रिएक्टर) था, लेकिन परमाणु ऊर्जा को लेकर चिंता के कारण कई कार्यक्रम बंद कर दिए गए हैं।”
परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष रतन कुमार सिन्हा ने कहा कि भारत के पीएफबीआर को विकास के चरण में काफी समय लगा है और यह अपनी तरह का पहला ब्रीडर है।
सिन्हा ने कहा कि फास्ट-ब्रीडर रिएक्टर ऊर्जा और अधिक ईंधन का उत्पादन करने के लिए अपघटित यूरेनियम (यू-238) और प्लूटोनियम (पीयू-239) का उपयोग करते हैं, इसलिए इसका नाम ब्रीडर रिएक्टर है।
सिन्हा ने कहा कि फास्ट ब्रीडर रिएक्टर भारत के तीन-चरणीय परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण है, जिससे अगली पीढ़ी के रिएक्टरों के लिए थोरियम का उपयोग किया जा सकेगा।
काकोदकर ने कहा कि भारत के पास बड़े पैमाने पर थोरियम संसाधन हैं और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के लिए इसका इस्तेमाल आवश्यक है।
उन्होंने कहा, "बहरहाल, मुद्दा यह है कि परमाणु ऊर्जा हमारी ऊर्जा सुरक्षा के लिए तेजी से महत्वपूर्ण होती जा रही है, खासकर स्वच्छ ऊर्जा हस्तांतरण के संदर्भ में।”
उन्होंने कहा, “इसलिए प्रौद्योगिकी के मामले में, यह (पीएफबीआर) वैश्विक मानकों के हिसाब से भी एक बड़ी प्रगति है क्योंकि यह 500 मेगावाट का एक बड़ा रिएक्टर है और यह भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।”
भारत का लक्ष्य 2032 तक अपने ऊर्जा मिश्रण में परमाणु ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाना है और इसने ‘फ्लीट मोड’ में 10 पीएचडब्ल्यूआर के निर्माण को मंजूरी दी है। 2032 तक, भारत अपने परमाणु ऊर्जा संयंत्रों से 22.4 गीगावाट इलैक्ट्रिकल (जीडब्ल्यूई) बिजली का उत्पादन करने की उम्मीद कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछले सप्ताह तमिलनाडु के कलपक्कम में प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर में कोर लोडिंग की शुरुआत के मौके पर उपस्थित थे।
भाषा जोहेब