प्रसूता मौत : कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया
शफीक प्रशांत
- 07 Dec 2024, 04:52 PM
- Updated: 04:52 PM
चामराजनगर (कर्नाटक), सात दिसंबर (भाषा) बेल्लारी में प्रसूता के मौत के मामलों की संख्या बढ़कर पांच हो जाने के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शनिवार को कहा कि विकास आयुक्त की अध्यक्षता में जांच कर रही विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पिछले महीने बेल्लारी में चार प्रसूता महिलाओं की मौत हो गई थी। बेल्लारी मेडिकल कॉलेज एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमसीआरसी) में इलाज करा रही एक अन्य महिला मरीज की बृहस्पतिवार रात मौत हो गई।
सिद्धरमैया ने यहां एक सवाल के जवाब में संवाददाताओं से कहा, ‘‘वहां (बेल्लारी) अब पांचवीं मौत हो गई है। जब चार मौत हुईं, तो मैंने एक बैठक की, हमने कल कैबिनेट की बैठक के दौरान भी इस पर चर्चा की थी। स्वास्थ्य मंत्री (दिनेश गुंडू राव) आज वहां (बेल्लारी) जा रहे हैं, साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी जाएंगे।’’
उन्होंने कहा कि प्रसूताओं की मौत का कारण घटिया ‘रिंगर लैक्टेट’ सॉल्यूशन हो सकता है।
‘रिंगर लैक्टेट सॉल्यूशन’ रोगियों को आमतौर पर शरीर में पानी की कमी को दूर करने और द्रव संतुलन बनाए रखने के लिए नसों के द्वारा दिया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहले ही औषधि नियंत्रक को निलंबित कर दिया है और सॉल्यूशन की आपूर्ति करने वाली कंपनी को भी काली सूची में डाल दिया है।
उन्होंने कहा कि विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है जो इस संबंध में जांच करके रिपोर्ट सौंपेगी।
सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हमने पहले ही कुछ कार्रवाई की है, रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।’’
इस बीच, पूर्व मंत्री बी. श्रीरामुलु के नेतृत्व में भाजपा ने बेल्लारी में विरोध प्रदर्शन किया और सरकार पर मौतों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया।
स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव पर निशाना साधते हुए श्रीरामुलु ने कहा कि मंत्री आज बेल्लारी का दौरा कर रहे हैं, ताकि विपक्ष द्वारा अगले सप्ताह बेलगावी में विधानसभा सत्र के दौरान इस मुद्दे को उठाए जाने पर सरकार अपनी प्रतिष्ठा बचा सके।
श्रीरामुलु ने कहा, ‘‘क्या दो लाख रुपये का मुआवजा पर्याप्त है? ऐसी मौतें रुकनी चाहिए... प्रत्येक मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए।’’
भाषा शफीक