दिल्ली सरकार ने 'स्वच्छ वायु, स्वस्थ दिल्ली' कार्यक्रम को लेकर कार्यशाला आयोजित की
जोहेब
- 10 Jul 2026, 10:15 PM
- Updated: 10:15 PM
नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) दिल्ली सरकार ने प्रस्तावित 8,300 करोड़ रुपये के 'स्वच्छ वायु, स्वस्थ दिल्ली' कार्यक्रम के लिए शुक्रवार को परिचय कार्यशाला शुरू की।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पहल वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार की दीर्घकालिक, विज्ञान-आधारित रणनीति को दर्शाती है।
सितंबर 2026 से अगस्त 2033 के बीच लागू होने वाले सात-वर्षीय कार्यक्रम के लिए 65 प्रतिशत ऋण की व्यवस्था विश्व बैंक के माध्यम से की जाएगी, जबकि शेष 35 प्रतिशत दिल्ली सरकार वहन करेगी।
विश्व बैंक ने कार्यशाला के दौरान परियोजना की तैयारी के लिए वित्तीय अनुदान सुविधा का औपचारिक पुष्टि पत्र दिल्ली सरकार को सौंपा।
विभिन्न विभागों के अधिकारियों को संबोधित करते हुए गुप्ता ने कहा कि वायु प्रदूषण जैसी जटिल चुनौती से निपटने के लिए दिल्ली सरकार एक व्यापक, वैज्ञानिक और दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि वायु गुणवत्ता में सुधार किसी एक विभाग का काम नहीं है बल्कि सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
गुप्ता ने कहा कि 'स्वच्छ वायु, स्वस्थ दिल्ली' सिर्फ एक प्रदूषण-नियंत्रण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य और टिकाऊ भविष्य में एक निवेश है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार की रणनीति साफ है, प्रदूषण के स्रोत पर रोक लगाना, डेटा के आधार पर निगरानी करना, तकनीक के जरिए नियमों का सख्ती से पालन कराना और लोगों की भागीदारी बढ़ाना।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में सुधार करना नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाना भी है।
कार्यशाला में दिल्ली के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद और मनजिंदर सिंह सिरसा, आर्थिक मामलों के विभाग के प्रतिनिधि, विश्व बैंक के देश निदेशक पॉल प्रोसी और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), परिवहन विभाग, नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) और दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (डीटीएल) समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
विश्व बैंक के विशेषज्ञों ने वित्तीय प्रबंधन, खरीद प्रक्रियाओं, पर्यावरण और सामाजिक सुरक्षा उपायों और संस्थागत तैयारियों पर प्रस्तुतियां दीं। सार्वजनिक परिवहन में सुधार, सड़क की धूल पर अंकुश लगाने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा के लिए एक तकनीकी सत्र भी आयोजित किया गया।
अधिकारियों ने कहा, "इसका उद्देश्य परियोजना से जुड़े विभागों और एजेंसियों को विश्व बैंक की प्रक्रियाओं और अंतरराष्ट्रीय मानकों से परिचित कराना था।"
कार्यशाला के दौरान तकनीकी मूल्यांकन और एक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रमुख हस्तक्षेपों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
भाषा नोमान नोमान जोहेब
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