मुख्यमंत्री स्टालिन राज्यपाल की ‘चाय पार्टी’ में शामिल नहीं होंगे: तमिलनाडु सरकार
पारुल अविनाश
- 14 Aug 2025, 09:40 PM
- Updated: 09:40 PM
चेन्नई, 14 अगस्त (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शुक्रवार को राज्यपाल आरएन रवि की ओर से आयोजित चाय पार्टी में शामिल नहीं होंगे। राज्य सरकार की ओर से बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई है।
बयान के मुताबिक, राज्यपाल रवि “तमिलनाडु के लोगों के हितों के खिलाफ काम करते हैं और मुख्यमंत्री ने उनके प्रति विरोध जताने के लिए उनकी ओर से आयोजित “एट होम रिसेप्शन” का बहिष्कार करने का फैसला किया है।
बयान में कहा गया है कि राज्यपाल रवि का विरोध करने के लिए राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री गोवी चेझियान क्रमशः 18 और 19 अगस्त को अलगप्पा और तिरुवल्लुवर विश्वविद्यालयों में आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोहों का मुख्यमंत्री स्टालिन की सलाह पर बहिष्कार करेंगे।
तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने राज्यपाल रवि पर लगातार राज्य के लोगों के हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है।
राज्य विधानसभा ने तंजावुर जिले के कुंभकोणम में कलैगनार विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए एक विधेयक पारित किया, जिसे राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा गया। सरकार का आरोप है कि रवि ने विधेयक को “लटकाने के इरादे से” इसे राष्ट्रपति के पास भेज दिया।
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक पदाधिकारी ने मद्रास उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर राज्य विश्वविद्यालयों से जुड़े विधेयकों पर रोक लगवा ली।
तमिलनाडु सरकार ने विश्वविद्यालयों से जुड़े विधेयकों पर उच्च न्यायालय की ओर से लगाई गई रोक के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया है।
सरकार ने आरोप लगाया कि इस मामले में राज्यपाल ने भाजपा पदाधिकारी की दलीलों का समर्थन करते हुए याचिका दायर की, जिससे उनकी राजनीतिक साठगांठ और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई उजागर हुई है।
सरकार ने कहा कि कई विश्वविद्यालयों में कुलपति नहीं हैं और छात्रों की उच्च शिक्षा प्रभावित होने का खतरा है। उसने आरोप लगाया कि यह स्थिति राज्यपाल के कदमों और उनकी अड़चनों का नतीजा है।
कांग्रेस और वामपंथी पार्टियों सहित द्रमुक के सहयोगी दलों ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वे राजभवन की ओर से आयोजित चाय पार्टी का बहिष्कार करेंगे।
भाषा पारुल