आरएसएस की विचारधारा देश के लोक विमर्श को आकार दे रही : भाजपा
अविनाश पवनेश
- 15 Aug 2025, 06:24 PM
- Updated: 06:24 PM
नयी दिल्ली, 15 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में आरएसएस की प्रशंसा करने की कांग्रेस की आलोचना को खारिज कर दिया। इसके साथ ही पार्टी ने कहा कि हिंदुत्ववादी संगठन की विचारधारा आज भारत के लोक विमर्श को आकार दे रही है।
भाजपा के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने याद दिलाया कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1963 में गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को आमंत्रित किया था और इसे देशभक्तों का संगठन बताया था।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘आरएसएस के 100 वर्ष पूरे होने पर, यह उचित है कि प्रधानमंत्री मोदी लाल किले से इसका उल्लेख करें।"
मालवीय ने कहा, ‘‘आज आरएसएस की विचारधारा भारत के लोक विमर्श को आकार दे रही है, जबकि कांग्रेस न केवल हमारे समय की वास्तविकताओं से, बल्कि नेहरू से भी अलग-थलग है।’’
मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने का उल्लेख किया और कहा कि इस संगठन की राष्ट्रसेवा की यात्रा पर देश गर्व करता है। उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ है और यह प्रेरणा देता रहेगा।
कांग्रेस ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आरएसएस की तारीफ करके संवैधानिक और धर्मनिरपेक्ष गणराज्य की भावना का उल्लंघन किया है तथा आरएसएस को खुश करने की कोशिश की है।
आरएसएस की तारीफ करने को लेकर कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, ‘‘आज प्रधानमंत्री के भाषण का सबसे परेशान करने वाला पहलू लाल किले की प्राचीर से आरएसएस का नाम लेना था, जो एक संवैधानिक, धर्मनिरपेक्ष गणराज्य की भावना का घोर उल्लंघन है।’’
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तारीफ कर देश की आजादी के लिए शहीद होने वालों की स्मृति का अपमान किया है।
भाषा अविनाश