मूल योजना में जेईआई और एफएटी से जुड़े स्कूलों अपने अधीन लेने का कोई इरादा नहीं: जम्मू-कश्मीर के शिक्षा मंत्री
खारी प्रशांत
- 23 Aug 2025, 12:17 PM
- Updated: 12:17 PM
श्रीनगर, 23 अगस्त (भाषा) प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) से जुड़े 215 स्कूलों को अपने अधीन लेने के जम्मू-कश्मीर सरकार के आदेश के कुछ घंटों बाद शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू ने शनिवार को कहा कि प्रारंभिक प्रस्ताव में यह तय किया गया था कि इन स्कूलों की देखरेख ‘क्लस्टर प्रिंसिपल’ करेंगे, न कि उपायुक्त।
मंत्री ने कहा कि उनके द्वारा अनुमोदित मसौदे में यह स्पष्ट रूप से लिखा था कि इन स्कूलों की देखरेख क्लस्टर प्रिंसिपल करेंगे, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव द्वारा जारी आदेश इससे अलग है।
स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक अधिकारी हैं और उपराज्यपाल को रिपोर्ट करते हैं।
शुक्रवार देर शाम जारी एक आदेश में सचिव ने जेईआई और उसके सहयोगी फलाह-ए-आम ट्रस्ट (एफएटी) द्वारा संचालित स्कूलों को अपने अधीन करने का आदेश दिया।
आदेश में कहा गया है कि ऐसे स्कूलों का प्रबंधन जिला मजिस्ट्रेट/उपायुक्तों द्वारा किया जाएगा, जो फिर एक नयी प्रबंधन समिति का प्रस्ताव रखेंगे।
हालांकि, कुछ घंटों बाद शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग का मूल प्रस्ताव वह नहीं था जो आदेश में कहा गया था।
एक वीडियो संदेश में, इट्टू ने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से, लोग अफवाहें फैला रहे हैं कि शिक्षा विभाग ने एफएटी स्कूलों को अपने अधीन ले लिया है।’’
उन्होंने बताया कि छह से आठ साल पहले सीआईडी के सत्यापन में इन 215 स्कूलों के बारे में समितियों को नकारात्मक रिपोर्ट मिली थी जिससे इन स्कूलों में पढ़ाई अधर में लटकी हुई है।
शिक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘बोर्ड परीक्षाओं के समय समस्याओं का सामना करने के कारण छात्र और लोग हमें बार-बार अपनी परेशानी बताने आते थे। बोर्ड (जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड) ने उन्हें स्वीकार नहीं किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया कि निकटतम क्लस्टर प्रिंसिपल इन स्कूलों की देखरेख करेंगे, जिनमें 51,000 से अधिक छात्र नामांकित हैं।’’
मंत्री ने कहा, ‘‘छात्र, शिक्षक और संरचनाएं यथावत रहेंगी, नयी प्रबंधन समितियों के गठन तक केवल निकटतम प्रधानाचार्य ही उनकी देखभाल करेंगे।’’
उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए यह निर्णय लिया गया है।
भाषा खारी