नगालैंड में हत्या की शिकार महिला के लिए न्याय की मांग को लेकर हजारों लोगों ने निकाली रैली
यासिर सुरेश
- 25 Aug 2025, 09:58 PM
- Updated: 09:58 PM
दीमापुर, 25 अगस्त (भाषा) नगालैंड के चुमौकेदिमा जिले में सोमवार को हजारों लोगों ने एक शांतिपूर्ण विरोध रैली निकाली। यह रैली पिमला गांव में सात अप्रैल को 31-वर्षीय एक महिला का शव तालाब के पास मिलने के मामले में न्याय की मांग को लेकर आयोजित की गई।
नगा शॉपिंग आर्केड में रैली का आयोजन जेलियांग्रोंग युवा संगठन नगालैंड (जेडवाईओएन), जेलियांग्रोंग छात्र संघ नगालैंड (जेडएसयूएन), जेलियांग्रोंग मिपुई संगठन (जेडएमओएन), पश्चिमी नगा युवा मोर्चा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। यह रैली दीमापुर स्थित नागरिक समाज समूहों द्वारा समर्थित थी।
पेरेन जिले के अंतर्गत म्हैकम गांव के चुबाटेम्सू जमीर की पत्नी केसुटलुंगले न्यूमे (पीड़िता) एक दिहाड़ी मजदूर थी। जिस वक्त उसकी निर्मम हत्या की गई थी, उस वक्त वह सब्जी खरीदने बाजार गयी थी।
रैली के दौरान जेडवाईओएन के अध्यक्ष आर. जॉन ज़ेलियांग ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में विफल रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हम चुप नहीं बैठेंगे।’’
ज़ेलियांग ने कहा, ‘‘यह सही समय है कि हम एक ही उद्देश्य के लिए हाथ मिलाएं और अपने अधिकारों के लिए लड़ें।’’
सभा को संबोधित करने वाले विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी न्याय की मांग की तथा इस बात पर जोर दिया कि यह मुद्दा केवल ज़ेलियांग्रोंग समुदाय का नहीं, बल्कि सभी नगाओं का है।
रैली के बाद दीमापुर पुलिस आयुक्त को एक पत्र सौंपते हुए मामले में शामिल दोषियों के नाम 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक किए जाने की समय सीमा दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि सात अप्रैल को शाम सात बजकर 52 मिनट पर चुमौकेदिमा थाने को पिमला में एक संदिग्ध हत्या के बारे में फोन के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई थी।
पुलिस ने बताया कि अगली सुबह म्हैकम गांव के वीडीबी सचिव तेउसिंग न्यूमे द्वारा एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई, जिसके बाद भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103/118(1)(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त रैंक के एक अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का भी गठन किया गया।
पुलिस ने कहा कि 10 अप्रैल को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जिसके बारे में उसका दावा है कि आरोपी ने शराब के नशे में अपराध किया।
भाषा यासिर