थाईलैंड में राजशाही को बदनाम करने के मामले में सजा काट रही महिला को क्षमादान
देवेंद्र नरेश
- 27 Aug 2025, 06:03 PM
- Updated: 06:03 PM
बैंकॉक, 27 अगस्त (एपी) थाईलैंड में एक महिला को राजशाही की मानहानि के मामले में चार दशक से अधिक की जेल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन बुधवार को उसे अपनी सजा का लगभग पांचवां हिस्सा पूरा करने के बाद क्षमादान देकर रिहा कर दिया गया। एक मानवाधिकार संगठन ने यह जानकारी दी।
थाई मानवाधिकार वकीलों ने कहा कि 69 वर्षीय अंचन प्रीलर्ट उन छह राजनीतिक कैदियों में से एक थी जिन्हें 29 जुलाई को राजा महा वजीरालोंगकोर्न के जन्मदिन के मौके पर क्षमादान के तहत रिहा किया गया था।
पूर्व लोक सेवक अंचन को जनवरी 2021 में बैंकॉक आपराधिक न्यायालय ने देश के ‘लेसे मैजेस्टे’ कानून का उल्लंघन करने के 29 मामलों में सजा सुनाई थी। उस पर फेसबुक और यूट्यूब पर राजशाही की आलोचना करने वाली टिप्पणियों वाली ऑडियो क्लिप पोस्ट करने का आरोप था।
‘लेसे मैजेस्टे’ एक कानूनी शब्द है जिसका उपयोग राजा या देश के खिलाफ किए गए अपराधों के लिए किया जाता है।
शुरुआत में उसे 87 वर्ष की सजा सुनाई गई थी, जो उस समय तक दी गई सबसे लंबी सजा थी, लेकिन उसकी सजा आधी करके 43 वर्ष और छह महीने कर दी गई, क्योंकि उसने अपराधों के लिए दोष स्वीकार कर लिया था।
थाईलैंड के राजशाही मानहानि कानून का उल्लंघन करने पर तीन से 15 साल तक की कैद की सजा हो सकती है। यह कानून न केवल इसलिए विवादास्पद है क्योंकि इसका इस्तेमाल फेसबुक पर किसी पोस्ट को ‘लाइक’ करने जैसी साधारण बात को भी दंडित करने के लिए किया गया है, बल्कि इसलिए भी कि कोई भी - न केवल राजपरिवार या अधिकारी - शिकायत दर्ज करा सकता है।
अंचन ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मुझे बहुत खुशी हो रही है। मैं लंबे समय तक आजाद रहना चाहती हूं क्योंकि मेरी उम्र बढ़ रही है और अब मेरा समय कम होता जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘आठ साल से ज्यादा समय तक, मुझे ऐसा लगा जैसे यही मेरी पूरी जिदगी है; यह कड़वा अनुभव था क्योंकि यह मेरी जगह नहीं थी। यह यातनापूर्ण था; इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह आरामदायक है या नहीं, लेकिन यह मेरा घर नहीं है।’’
थाईलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा को पिछले सप्ताह एक अदालत ने राजशाही की मानहानि के मामले में बरी कर दिया था।
थाकसिन मूल रूप से 2016 में दक्षिण कोरिया में पत्रकारों के सामने एक साल पहले की गई टिप्पणियों को लेकर आरोपित किये गये थे।
एपी
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