केरल: वायनाड में पड़ोसी के घर में विस्फोटक रखने के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार
जितेंद्र नरेश
- 07 Sep 2025, 06:53 PM
- Updated: 06:53 PM
वायनाड, सात सितंबर (भाषा) केरल के पुलपल्ली में पड़ोसी को झूठे मामले में फंसाने के लिए उसके घर में विस्फोटक और शराब रखने के आरोप में 41 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान पुलपल्ली के मरक्कदावु निवासी प्रसाद पी.एस. के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, इससे पहले 23 अगस्त को प्रसाद के पड़ोसी ऑगस्टीन उर्फ थंकाचन (54) को गिरफ्तार किया गया था और उसके घर से प्रतिबंधित शराब के 20 पैकेट और ‘थोट्टा’ (मछली पकड़ने में इस्तेमाल होने वाला) नामक 15 विस्फोटक बरामद किए गए थे।
शराब के पैकेट कर्नाटक से लाये गये थे।
पुलिस ने बताया कि थंकाचन के परिसर में खड़ी एक कार के नीचे रखे एक बैग से यह प्रतिबंधित सामग्री बरामद की गई।
पुलिस के मुताबिक, बाद में थंकाचन को रिमांड पर लिया गया और वह जेल में ही रहा।
पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन रिकॉर्ड के आधार पर जांचकर्ताओं को बाद में पता चला कि प्रसाद ने ही ये सामान वहां रखा था।
पुलिस के मुताबिक, शनिवार को पूछताछ के दौरान प्रसाद ने कथित तौर पर अपना अपराध कबूल कर लिया और स्वीकार किया कि उसने निजी दुश्मनी के चलते ऐसा किया था।
पुलिस ने बताया कि प्रसाद को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि थंकाचन को अदालत के आदेश के बाद जेल से रिहा कर दिया गया।
थंकाचन ने रिहाई के बाद पुलिस पर ‘लापरवाही’ का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण उसे ‘झूठे मामले में फंसाया’ गया।
उन्होंने कहा, “हमने पुलिस को बताया था कि विस्फोटक और शराब हमारी नहीं थी। फिर भी उन्होंने बिना जांच के मुझे गिरफ्तार कर लिया। मैं बिना किसी कारण के 17 दिनों तक जेल में रहा।”
थंकाचन ने आरोप लगाया कि यह मामला कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी कलह का नतीजा है।
थंकाचन कांग्रेस पार्टी की वार्ड इकाई के अध्यक्ष हैं।
थंकाचन ने आरोप लगाया, “यह एक बड़ी साजिश है। गिरफ्तार व्यक्ति तो बस एक मोहरा है। मुझे शक है कि इसमें जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एनडी अप्पचन सहित कांग्रेस के जिला नेताओं की संलिप्तता है।”
पुलिस ने बताया कि राजनीतिक पहलू की भी जांच की जाएंगी। हालांकि प्रसाद ने अब तक इस कृत्य के पीछे निजी दुश्मनी को कारण बताया है।
भाषा जितेंद्र