जलवायु परिवर्तन को लेकर उच्च स्तरीय कार्यबल की आवश्यकता: भाजपा विधायक
देवेंद्र अविनाश
- 29 Oct 2025, 07:57 PM
- Updated: 07:57 PM
लखनऊ, 29 अक्टूबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक राजेश्वर सिंह ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से एक उच्च स्तरीय कार्यबल गठित करने का आग्रह किया है जो ‘विकसित भारत 2047’ एजेंडे के तहत देश के लिए एकीकृत जलवायु रूपरेखा तैयार कर सके।
लखनऊ की सरोजिनी नगर विधानसभा सीट से विधायक ने इस महीने की शुरुआत में एक्सेटर विश्वविद्यालय, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और अन्य द्वारा प्रकाशित ‘ग्लोबल टिपिंग पॉइंट्स रिपोर्ट 2025’ के मद्देनजर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और उत्तर प्रदेश के उनके समकक्ष अरुण कुमार सक्सेना को एक पत्र लिखा है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पृथ्वी अब अपने पहले प्रमुख जलवायु परिवर्तन ‘टिपिंग पॉइंट’ को पार कर चुकी है जिससे दुनियाभर में लाखों लोगों की आजीविका खतरे में पड़ गई है।
जलवायु विज्ञान में, ‘टिपिंग पॉइंट’ वह नाजुक सीमा है जिसके पार होने पर जलवायु प्रणाली में अचानक, तेज और अक्सर अपरिवर्तनीय बदलाव होते हैं।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पूर्व अधिकारी और उच्चतम न्यायालय के वकील सिंह ने पत्र में कहा, ‘‘मैं आग्रह करता हूं कि भारतीय संदर्भ में ‘ग्लोबल टिपिंग पॉइंट्स रिपोर्ट 2025’ के निष्कर्षों का विश्लेषण करने तथा भारत और उत्तर प्रदेश के लिए एक रूपरेखा तैयार करने के लिए केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर एक संयुक्त उच्च स्तरीय कार्यबल का गठन किया जाए।’’
सिंह ने दोनों मंत्रियों को भेजे पांच पृष्ठों के अपने पत्र में वैश्विक संकेतकों पर नजर रखने तथा इन निष्कर्षों को नीतिगत निर्णयों में शामिल करने के लिए ‘टिपिंग प्वाइंट’ को लेकर राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर जोखिम आकलन प्रकोष्ठ की स्थापना का सुझाव दिया है।
विधायक ने 2026 तक एक एकीकृत जलवायु रूपरेखा विकसित करने की भी सिफारिश की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ‘‘विकसित भारत 2047’’ का दृष्टिकोण आगे बढ़े।
सिंह ने कहा कि भारत के 75 प्रतिशत जिलों की पहचान जलवायु परिवर्तन के ‘प्रमुख केंद्र’ के रूप में की गई है, जिनमें उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्य क्षेत्र सबसे अधिक संवेदनशील हैं, जहां लू, अनियमित वर्षा, भूजल स्तर में कमी और शहरी बाढ़ जैसी चुनौतियां बढ़ रही हैं।
भाषा
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