शीना बोरा हत्याकांड: दस्तावेजों को पेश करने का इंद्राणी का अनुरोध मंजूर
पारुल माधव
- 01 Nov 2025, 09:23 PM
- Updated: 09:23 PM
मुंबई, एक नवंबर (भाषा) मुंबई की एक विशेष अदालत ने शीना बोरा हत्याकांड की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी की उस याचिका को शनिवार को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया, जिसमें मामले की जांच के दौरान एकत्र किए गए कुछ ऐसे दस्तावेजों की प्रतियां पेश करने का अनुरोध किया गया है, जिन्हें अभियोजन पक्ष ने आरोपपत्र में नहीं शामिल किया है।
मामले की सुनवाई कर रहे विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश जेपी दारेकर ने कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट और उड़ान डेटा जैसे कुछ दस्तावेजों की प्रतियां पेश करने और उन्हें आरोपियों को उपलब्ध कराने पर कोई कानूनी रोक नहीं है।
अदालत ने कहा कि इन दस्तावेजों के गुप्त या गोपनीय जानकारी होने का संकेत नहीं मिलता, इसलिए अभियोजन पक्ष को संबंधित दस्तावेज पेश करने और आरोपियों को उनकी प्रतियां सौंपने का निर्देश देना “न्याय के हित में” उचित होगा।
हालांकि, न्यायमूर्ति दारेकर ने स्थानीय पुलिस में दर्ज प्राथमिकी की केस डायरी सहित कुछ अन्य दस्तावेजों को पेश करने और उनकी जांच करने का अनुरोध ठुकरा दिया।
उन्होंने कहा कि इस कानूनी प्रावधान के अवलोकन से यह स्पष्ट है कि आरोपी या उसके एजेंट केस डायरी का इस्तेमाल करने या उसे देखने तक के भी हकदार नहीं हैं।
इंद्राणी ने अपनी याचिका में दलील दी है कि “आरोपपत्र में शामिल नहीं किए गए इन दस्तावेजों” को पेश करना और उनकी जांच करना आवश्यक है, ताकि बचाव पक्ष अभियोजन पक्ष के गवाहों से प्रभावी ढंग से जिरह कर सके और “निष्पक्ष एवं उचित दलील” तैयार कर सके।
अदालत इस समय अभियोजन पक्ष के गवाहों की गवाही दर्ज कर रही है।
शीना बोरा (24) 24 अप्रैल 2012 को मुंबई से लापता हो गई थी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, शीना की मां इंद्राणी, उसके (इंद्राणी के) तत्कालीन ड्राइवर श्यामवर राय (जो बाद में मामले में सरकारी गवाह बन गया) और पूर्व पति संजीव खन्ना ने अप्रैल 2012 में उसकी (शीना की) एक कार में कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, शीना के शव को जला दिया गया और पड़ोसी रायगढ़ जिले के एक जंगल में फेंक दिया गया।
शीना की हत्या की बात 2015 सामने आई, जब राय ने एक अन्य मामले में गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान सारा राज उगल दिया।
भाषा पारुल