प्रस्तावित एफसीआरए संशोधन से चिंतित होने की जरूरत नहीं : रीजीजू
पवनेश
- 03 Apr 2026, 10:29 PM
- Updated: 10:29 PM
तिरुवनंतपुरम, तीन अप्रैल (भाषा) केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने ईसा मसीह को सलीब पर चढ़ाए जाने की स्मृति में मनाए जाने वाले गुड फ्राइडे के अवसर पर ईसाई समुदाय से संपर्क साधते हुए कहा कि प्रस्तावित एफसीआरए संशोधनों को लेकर समुदाय को चिंतित होने की जरूरत नहीं है।
रीजीजू नौ अप्रैल को केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार कर रहे हैं।
केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने आश्वासन दिया कि अल्पसंख्यक समुदायों, विशेष रूप से ईसाई मिशनरियों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार उनके हितों की रक्षा करेगी और जहां भी संभव हो सहायता प्रदान करेगी।
रीजीजू ने दावा किया कि केरल में वामपंथी दल और कांग्रेस विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों के संबंध में अफवाहें फैला रहे हैं और गैर सरकारी संगठनों, विशेष रूप से जनता के कल्याण के लिए काम करने वाले संगठनों को गुमराह कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री का यह बयान चुनाव वाले केरल में विभिन्न ईसाई गिरिजाघरों और पादरियों द्वारा प्रस्तावित एफसीआरए संशोधनों के विरोध के बीच आया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)सरकार केवल ''अवैध और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए धन के अवैध प्रवाह पर रोकने' के लिए अधिनियम के प्रावधानों में 'सुधार' करने की कोशिश कर रही है।
रीजीजू ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश में कहा, ''हमें यह जानकर बहुत दुख हुआ कि कांग्रेस और वामपंथी दल केरल में झूठ फैला रहे हैं और भोले-भाले लोगों को गुमराह कर रहे हैं। मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति या वैध संगठन को गलत तरीके से निशाना नहीं बनाया जाएगा।''
उन्होंने कहा, ''भारत में आने वाले विदेशी धन का उपयोग अच्छे उद्देश्यों के लिए, जनता के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। यदि विदेश से आने वाले धन का उपयोग कट्टरपंथी उद्देश्यों के लिए, युवाओं को भारत के हितों के विरुद्ध गुमराह करने के लिए किया जाता है, तो उस पर रोक लगानी होगी।''
रीजीजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना के तहत भारत में सभी अल्पसंख्यकों का पूरा ध्यान रख रहे हैं। उन्होंने कहा, ''हम सबके लिए काम करते हैं, कांग्रेस के विपरीत, जो मुसलमानों को अपना वोट बैंक बनाती थी और ईसाई समुदाय को गुमराह करती थी। यह बिल्कुल गलत है।''
रीजीजू ने कहा, ''हमारे लिए सब बराबर हैं। हर भारतीय के साथ एक जैसा व्यवहार होना चाहिए। इसलिए एफसीआरए के प्रावधानों को लेकर चिंता करने की कोई बात नहीं है।''
मंत्री ने दावा किया कि केरल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों को भारी समर्थन मिल रहा है, और इसलिए कांग्रेस और वामपंथी ''घबराए हुए हैं और झूठ फैला रहे हैं''।
उन्होंने कहा, ''इस तरह का दुष्प्रचार अभियान लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।''
एफसीआरए (संशोधन)विधेयक को बुधवार को लोकसभा के एजेंडे में विचार के लिए सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन इस पर चर्चा नहीं हुई। बाद में, रीजीजू ने कहा कि यह निर्णय ''विधायी प्राथमिकताओं पर आधारित था, न कि राजनीति पर''।
इस विधेयक को लोकसभा में 25 मार्च को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने पेश किया था।
भाषा धीरज पवनेश
पवनेश
0304 2229 तिरुवनंतपुरम