अपील स्वीकार होने पर पश्चिम बंगाल में जारी हो पूरक मतदाता सूची: उच्चतम न्यायालय
नेत्रपाल
- 17 Apr 2026, 12:28 AM
- Updated: 12:28 AM
नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया है कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ जिन मतदाताओं की अपील अपीलीय न्यायाधिकरणों द्वारा स्वीकार कर ली गई हैं, उनके नाम शामिल करते हुए पूरक संशोधित मतदाता सूची जारी की जाए।
राज्य में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने 13 अप्रैल को पारित आदेश में स्पष्ट किया कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनकी अपील अपीलीय न्यायाधिकरणों के समक्ष केवल लंबित रहने मात्र से उन्हें मतदान का अधिकार प्राप्त नहीं हो जाता।
पीठ ने कहा, "इसलिए हम संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए निर्वाचन आयोग को निर्देश देते हैं कि जहां भी अपीलीय न्यायाधिकरण 21 अप्रैल 2026 या 27 अप्रैल 2026 तक अपीलों का फैसला कर दें, वहां उन फैसलों के आधार पर पूरक संशोधित मतदाता सूची जारी की जाए और उसी के अनुसार संबंधित लोगों को मतदान का अधिकार दिया जाए।"
इसने यह भी स्पष्ट किया, "हालांकि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनकी अपील अपीलीय न्यायाधिकरणों के समक्ष केवल लंबित रहने भर से उन्हें मतदान का अधिकार नहीं मिल जाता।"
न्यायालय ने 13 लोगों के एक समूह की उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से अपने नाम हटाए जाने के मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था। राज्य में विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होना निर्धारित है।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि मतदाता पंजीकरण पर उच्चतम न्यायालय के हालिया निर्देश को लागू करने में कोई दिक्कत नहीं होगी, क्योंकि पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन सुव्यवस्थित कर दिया गया है।
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस फैसले का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने यह निर्देश उनके द्वारा दायर एक मामले में दिया है।
उन्होंने कूच बिहार में कहा, "जिनके नाम मतदाता सूची से छूट गए हैं, उन्हें न्यायाधिकरण में आवेदन करना चाहिए। उन्हें निश्चित रूप से अपना मताधिकार वापस मिल जाएगा। मैं बहुत खुश हूं। यह फैसला मेरे द्वारा दायर एक मामले में आया है। मुझे न्यायपालिका पर गर्व है। आज मुझसे ज्यादा खुश कोई नहीं है।"
पश्चिम बंगाल के लिए भाजपा के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने कहा कि उनकी पार्टी ने लाखों अपील और आपत्तियां दायर की हैं, जिन पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई होनी चाहिए और सभी पात्र मतदाताओं के नाम बिना किसी देरी के बहाल किए जाने चाहिए।
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, "उच्चतम न्यायालय ने विवादित मतदाताओं पर फैसला सुनाते हुए कहा है कि चुनाव से दो दिन पहले तक न्यायाधिकरणों द्वारा मतदाता सूची में शामिल किए जाने के लिए मंजूरी प्राप्त कर चुके मतदाताओं को मतदान करने की अनुमति दी जाएगी। यह स्वागत योग्य फैसला है...।''
भाषा खारी नेत्रपाल
नेत्रपाल
1704 0028 दिल्ली