प्रधानमंत्री को 'आतंकवादी' कहे जाने पर भाजपा का निर्वाचन आयोग से खरगे के खिलाफ कार्रवाई का आग्रह
दिलीप
- 21 Apr 2026, 10:23 PM
- Updated: 10:23 PM
नयी दिल्ली, 21 अप्रैल (भाषा) भाजपा ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबंध में मल्लिकार्जुन खरगे की ''आतंकवादी'' टिप्पणी का तत्काल संज्ञान ले और कांग्रेस अध्यक्ष को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का निर्देश दिया जाए।
आयोग को सौंपे गए ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत खरगे की टिप्पणियों के लिए उनके खिलाफ ''उपयुक्त दंडात्मक और नियामक कार्यवाही'' शुरू की जाए और उन पर ''उपयुक्त (चुनाव प्रचार) प्रतिबंध'' लगाए जाएं।
सत्तारूढ़ पार्टी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, किरेन रीजीजू और अर्जुन राम मेघवाल सहित, भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को निर्वाचन आयोग से मुलाकात कर इस मुद्दे को उठाएगा।
खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी पर सरकारी तंत्र और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करके विपक्ष की आवाज दबाने तथा राजनीतिक दलों और जनता को आतंकित करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद भाजपा ने यह कदम उठाया।
चेन्नई में दिन में, संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, खरगे ने अन्नाद्रमुक के भाजपा के साथ गठजोड़ की आलोचना करते हुए शुरुआत में प्रधानमंत्री को ''आतंकवादी'' कहा था।
हालांकि, जब संवाददाताओं ने उनसे टिप्पणी के संदर्भ को स्पष्ट करने का आग्रह किया, तो कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनका यह मतलब था कि प्रधानमंत्री देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को ''आतंकित'' कर रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ''वह लोगों और राजनीतिक दलों को आतंकित कर रहे हैं। मैंने कभी नहीं कहा कि वह (शाब्दिक अर्थ में) आतंकवादी हैं। आतंकित करने का यह अभिप्राय है... वह अपने पद की शक्ति और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रहे हैं और विपक्षी दलों को अपशब्द कह रहे हैं।''
भाजपा ने निर्वाचन आयोग को सौंपी गई अपनी याचिका में प्रधानमंत्री के संबंध में खरगे की टिप्पणी को ''घोर अपमानजनक'' बताया और आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का ''प्रथम दृष्टया'' उल्लंघन होने का आरोप लगाया।
पार्टी ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया, ''इस बयान को प्रथम दृष्टया आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए तत्काल संज्ञान लिया जाए। मल्लिकार्जुन खरगे को सार्वजनिक माफी/खंडन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जाए और/या कानून और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, उनके चुनाव प्रचार करने पर उपयुक्त प्रतिबंध या अन्य सुधारात्मक उपाय लागू किया जाए।''
इसमें निर्वाचन आयोग से यह भी अनुरोध किया गया कि वह ''लागू कानून के तहत उचित दंडात्मक और विनियामक कार्यवाही शुरू करे, जिसमें भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 175, 171/174, 356(1) के तहत अपराधों की जांच और जांच के दौरान लागू पाए जाने वाले किसी अन्य प्रावधान की जांच शामिल है।''
भाजपा ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि वह चुनाव प्रचार सामग्री और डिजिटल माध्यमों में खरगे की टिप्पणी के प्रसार को ''तत्काल बंद'' करने का निर्देश जारी करे।
भाजपा ने कहा, ''मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को इसे हटाने का निर्देश दिया जाए। चुनावी प्रक्रिया की गरिमा बनाए रखने और स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और मुद्दों पर आधारित चुनाव प्रचार सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक अन्य आदेश पारित किया जाए।''
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