कर्नाटक सीईटी विवाद: भाजपा का कांग्रेस पर हिंदुओं के साथ 'दोयम दर्जे के व्यवहार' का आरोप
प्रशांत
- 25 Apr 2026, 03:02 PM
- Updated: 03:02 PM
नयी दिल्ली, 25 अप्रैल (भाषा) कर्नाटक में कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) में शामिल वाले छात्रों से कथित तौर पर जनेऊ उतारने के लिये कहे जाने के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को राज्य की कांग्रेस नीत सरकार पर "हिंदू विरोधी" होने और दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
शुक्रवार को सीईटी परीक्षा के दौरान शहर के एक कॉलेज में पांच ब्राह्मण छात्रों को कथित तौर पर जनेऊ हटाने के लिए मजबूर किए जाने के बाद एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
छात्रों ने आरोप लगाया कि मडिवाला में परीक्षा निरीक्षकों ने उनसे कहा कि यदि वे परीक्षा देना चाहते हैं, तो जनेऊ उतारें।
'एक्स' पर एक वीडियो में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस घटना की कड़ी निंदा की।
उन्होंने आरोप लगाया, "क्या कर्नाटक में हिंदू होना अपराध है? कर्नाटक में छात्रों को जनेऊ पहनने के कारण परीक्षा कक्ष में प्रवेश करने से रोक दिया गया और उन्हें अपना धर्म या अपना भविष्य, दोनों में से किसी एक को चुनने के लिए कहा गया। पिछले साल भी ऐसा ही हुआ था।"
उन्होंने कहा, "कर्नाटक में हमने तुष्टीकरण की राजनीति देखी है। मुस्लिमों के लिए आरक्षण, केवल मुसलमानों के लिए बजट, उनके लिए कोटा और संविदात्मक कार्य। लेकिन हिंदुओं को परीक्षा देने के लिए अपनी जनेऊ उतारनी पड़ती है।"
उन्होंने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वह अन्य राज्यों में भी इसी तरह का रवैया अपना रही है जहां वह सत्ता में है, कक्षाओं में हिजाब और बुर्का पहनने की अनुमति दे रही है।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस शासित कई राज्यों में ऐसा हो चुका है। हमने देखा है कि कांग्रेस पार्टी कक्षा में हिजाब और बुर्का पहनने के अधिकार का समर्थन करती है। वो कहती है कि इसकी इजाजत होनी चाहिए। जबकि अदालतों ने भी इसके खिलाफ फैसला दिया है।"
उन्होंने कहा, "लेकिन जनेऊ के मामले में वे इसे हटाना चाहते हैं। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। तेलंगाना और अन्य राज्यों में तिलक और मंगलसूत्र हटवा दिए गए। लेकिन हिजाब ठीक है। हिंदुओं के साथ इसी तरह का दोयम दर्जे का व्यवहार किया जा रहा है।"
पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस को अपना नाम भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) से बदलकर "एमएमसी - मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस" या "इस्लामिक राष्ट्रीय खिलाफत पार्टी" रख लेना चाहिए।
पैगंबर मोहम्मद की मृत्यु के बाद इस्लाम के प्रमुख को खलीफा कहते थे। इसी विचारधारा को 'खिलाफत' कहा जाता है।
मामले के बाद कॉलेज ने जांच लंबित रहने तक निरीक्षक को निलंबित कर दिया। सरकार ने भी जांच के आदेश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर कृपानिधि कॉलेज के परीक्षा निरीक्षण के प्रभारी तीन कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है।
भाषा
प्रचेता प्रशांत
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