प्रधानमंत्री बंगाल सरकार संचालित 'मां कैंटीन' में पांच रुपये में भोजन करने आएं : तृणमूल
धीरज
- 25 Apr 2026, 08:58 PM
- Updated: 08:58 PM
कोलकाता, 25 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने हुगली नदी में नौका विहार और स्थानीय 'झालमुड़ी' का आनंद लेने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राज्य सरकार की मां कैंटीन में पांच रुपये में भोजन के साथ अपने बंगाल अनुभव को पूरा करने को आमंत्रित किया।
तृणमूल प्रवक्ता कुणाल घोष ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जब भी मोदी पश्चिम बंगाल में घुसपैठ के बारे में बात करते हैं, तो वे अनजाने में अपने ही गृह मंत्री अमित शाह की आलोचना करते हैं, जिनकी जिम्मेदारियों में सीमा सुरक्षा भी शामिल है।
घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री भाजपा उम्मीदवारों के लिए प्रचार कर रहे हैं, इसलिए उन्हें ममता बनर्जी सरकार के तहत राज्य की जमीनी हकीकत का भी अनुभव करना चाहिए।
पूर्व राज्यसभा सदस्य ने कहा, ''हम प्रधानमंत्री को आमंत्रित करते हैं कि वे कुछ समय निकालकर किसी 'मां कैंटीन' में भोजन करें। दोपहर में आपको पांच रुपये में चावल, दाल और सब्जी मिलेंगी। वहां आपको शाकाहारी भोजन मिलेगा। और अगर कोई आपके साथ आता है, तो दो लोग 10 रुपये में भोजन कर सकते हैं।''
'मां कैंटीन' योजना पश्चिम बंगाल सरकार की एक पहल है जिसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2021 में शुरू किया था। इसके तहत रियायती दरों पर पका हुआ भोजन मात्र पांच रुपये प्रति प्लेट की दर से उपलब्ध कराया जाता है। राज्य में सैकड़ों 'मां कैंटीन' संचालित की जा रही हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य दिहाड़ी मजदूरों, गरीबों और वंचितों को भोजन उपलब्ध कराना है।
घोष ने यह भी बताया कि मोदी ने हाल ही में बंगाल के लोकप्रिय स्ट्रीट फूड 'झालमुड़ी' का सेवन किया था, जिसे उन्होंने बिहार के एक विक्रेता से खरीदा था, जो बंगाल के झाड़ग्राम में अपनी दुकान चलाता है।
तृणमूल प्रवक्ता ने कहा, ''मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रशासन ने ही उस विक्रेता की मदद की थी।''
घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री शुक्रवार को हुगली नदी में नौका विहार का आनंद ले सके, क्योंकि यहां का पानी साफ है। उन्होंने कहा, ''दिल्ली में यमुना नदी पर उन्हें ऐसा फोटो खिंचवाने का मौका नहीं मिल सकता। वहां का पानी इतना प्रदूषित है।''
घोष ने पश्चिम बंगाल में घुसपैठ के भाजपा के बार-बार दोहराए जाने वाले आरोपों को भी खारिज किया और भाजपा शासित अन्य सीमावर्ती राज्यों के नेतृत्व पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, ''जब भी आप (प्रधानमंत्री) घुसपैठ शब्द का इस्तेमाल करते हैं, तो आप अपने ही गृह मंत्री की आलोचना कर रहे होते हैं। अगर एक भी व्यक्ति बंगाल में प्रवेश करता है और यह तृणमूल की गलती है, तो वे त्रिपुरा में कैसे पहुंच रहे हैं? उन्हें अन्य राज्यों में कैसे पकड़ा जा रहा है? आपके गृह मंत्री विफल हैं।''
घोष ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के इस दावे को खारिज किया कि उनके राज्य में भारतीय नागरिकता साबित करने में विफल रहने पर किसी भी बांग्ला भाषी हिंदू को निरुद्ध शिविरों में नहीं रखा गया है।
उन्होंने कहा, ''लाखों बांग्ला भाषी हिंदू परिवार वहां निरुद्ध हैं। बांग्ला भाषी हिंदुओं को निरुद्ध शिविरों में बंद रखने वाले लोग यहां असम का मॉडल दिखाने आ रहे हैं। बंगाल की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।''
घोष ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है और कलकत्ता उच्च न्यायालय ने चुनाव से पहले दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी लगाने के उसके निर्देश को गलत करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने राज्य में कामकाजी आबादी को परेशान करने का काम किया।
भाषा अमित धीरज
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