अगर खरगे कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनते हैं तो पार्टी में सभी उनका स्वागत करेंगे : परमेश्वर
पवनेश
- 29 Apr 2026, 04:04 PM
- Updated: 04:04 PM
बेंगलुरु, 29 अप्रैल (भाषा) कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बुधवार को कहा कि अगर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे इस राज्य के मुख्यमंत्री बनते हैं तो सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी में सभी उनका स्वागत करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पद में बदलाव के मुद्दे पर पार्टी के भीतर जारी अंदरूनी राजनीति और भ्रम के बीच राज्य की जनता से किए गए ''सुशासन'' के वादे को पूरा करना अधिक महत्वपूर्ण है।
ये बयान ऐसे समय आए हैं जब पार्टी और राजनीतिक हलकों में चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों के परिणाम तथा कर्नाटक की दो विधानसभा सीटों के उपचुनाव नतीजे चार मई को आने के बाद इस दक्षिणी राज्य में नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।
परमेश्वर ने पत्रकारों से कहा, ''अगर खरगे मुख्यमंत्री बनते हैं तो हमें बहुत खुशी होगी, क्योंकि वह अत्यंत अनुभवी वरिष्ठ नेता हैं। अगर वह मुख्यमंत्री बनते हैं तो हम सभी उनका स्वागत करेंगे।''
जब उनसे पूछा गया कि क्या खरगे स्वयं मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं और क्यों कर्नाटक से होने के बावजूद वह राज्य के नेतृत्व विवाद को सुलझाने में निर्णायक भूमिका नहीं निभा रहे, तो इस पर गृह मंत्री ने कहा, ''मुख्यमंत्री परिवर्तन के मामले में मीडिया में जो बातें आ रही हैं, उसकी हमें ज्यादा जानकारी नहीं है, कम से कम मुझे नहीं है। इसलिए इस पर बोलना उचित नहीं है।''
उन्होंने कहा कि कांग्रेस आलाकमान जो भी निर्णय करेगा, वही अंतिम होगा क्योंकि उसे राज्य की हर स्थिति की जानकारी है।
उन्होंने कहा कि खरगे बेहद अनुभवी हैं और राज्य की राजनीति के हर पहलू से परिचित हैं क्योंकि उन्होंने इसे स्वयं करीब से देखा और ''उन्हें सब पता है, हमें उन्हें कुछ बताने की जरूरत नहीं है। मैं ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा।''
सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर नेतृत्व संघर्ष उस समय तेज हो गया है जब कांग्रेस सरकार ने 20 नवंबर 2025 को अपने पांच वर्षीय कार्यकाल का आधा समय पूरा कर लिया। ऐसी अटकलें लगायी जाती हैं कि 2023 में सरकार गठन के समय मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री शिवकुमार के बीच "सत्ता साझेदारी" को लेकर कथित समझ बनी थी।
वरिष्ठ कांग्रेस विधायक के एन राजन्ना द्वारा ''दलित मुख्यमंत्री'' की मांग पर पार्टी के वरिष्ठ दलित नेता परमेश्वर ने कहा, ''इस पर बात न करें। मैं बेवजह इसमें नहीं पड़ना चाहता। पूरी जानकारी के बिना टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।''
कांग्रेस आलाकमान द्वारा 15 मई तक नेतृत्व विवाद खत्म करने की उम्मीद पर राज्य के गृह मंत्री ने कहा, ''सबसे बड़ी बात यह है कि हमने राज्य की जनता से सुशासन का वादा किया है। उसे पूरा करना जरूरी है। अंदरूनी राजनीति और भ्रम तो हमेशा रहते हैं।''
भाषा गोला पवनेश
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