पाकिस्तान ने हवाई अड्डे पर ईरानी विमानों को जगह दिये जाने की खबर को 'भ्रामक' बताया
नरेश
- 12 May 2026, 05:10 PM
- Updated: 05:10 PM
(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, 12 मई (भाषा) पाकिस्तान ने अमेरिकी मीडिया की उस खबर को ''भ्रामक'' बताते हुए मंगलवार को खारिज कर दिया जिसमें दावा किया गया था कि इस्लामाबाद ने ईरानी सैन्य विमानों को अमेरिकी हवाई हमलों से बचाने के लिए अपने हवाई अड्डों में जगह दी थी।
विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा कि देश में वर्तमान में मौजूद ईरानी विमान युद्धविराम अवधि के दौरान उस समय आया था जब अमेरिका-ईरान शांति वार्ता का पहला दौर जारी था और उनका किसी भी सैन्य आपात स्थिति या किसी सुरक्षा-संबंधी व्यवस्था से "कोई संबंध नहीं" है।
'सीबीएस न्यूज' ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से एक खबर में कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध को समाप्त कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान ने ईरानी सैन्य विमानों को अमेरिकी हवाई हमलों से बचाने के लिए अपने हवाई अड्डों में जगह दी थी।
'सीबीएस न्यूज' ने खबर में दावा किया कि अप्रैल की शुरुआत में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ युद्धविराम की घोषणा के कुछ दिनों बाद तेहरान ने कई विमान रावलपिंडी के निकट स्थित नूर खान एयरबेस पर भेज दिये थे।
खबर में दावा किया गया है, ''इनमें ईरानी वायु सेना का आरसी-130 भी शामिल था, जो लॉकहीड सी-130 हरक्यूलिस सामरिक परिवहन विमान का एक टोही और खुफिया जानकारी जुटाने वाला संस्करण है।''
अपने बयान में विदेश कार्यालय ने 'सीबीएस न्यूज' की खबर को ''भ्रामक और सनसनीखेज'' बताते हुए स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया।
इसमें कहा गया है, ''इस तरह की बातें क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के लिए जारी प्रयासों को कमजोर करने के उद्देश्य से कही जा रही हैं।''
बयान में कहा गया है, ''युद्धविराम के बाद और इस्लामाबाद वार्ता के पहले दौर के दौरान, वार्ता प्रक्रिया से जुड़े राजनयिक कर्मियों, सुरक्षा टीमों और प्रशासनिक कर्मचारियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए ईरान और अमेरिका से कई विमान पाकिस्तान पहुंचे थे।''
इसमें कहा गया है, ''पाकिस्तान ने तनाव कम करने के लिए लगातार एक निष्पक्ष, रचनात्मक और जिम्मेदार मध्यस्थ के रूप में कार्य किया है। इस भूमिका के अनुरूप, पाकिस्तान ने आवश्यकतानुसार नियमित रसद एवं प्रशासनिक सहायता प्रदान की है, साथ ही सभी संबंधित पक्षों के साथ पूर्ण पारदर्शिता और नियमित संचार बनाए रखा है।''
बयान में कहा गया है, ''पाकिस्तान संवाद को बढ़ावा देने, तनाव कम करने और क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति, स्थिरता एवं सुरक्षा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।''
इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए रिपब्लिकन पार्टी के सांसद लिंडसे ग्राहम ने अमेरिका-ईरान युद्ध को समाप्त कराने के लिए मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की भूमिका पर फिर से विचार करने की जरूरत पर जोर दिया।
भाषा देवेंद्र नरेश
नरेश
1205 1710 इस्लामाबाद