अमेरिका के रक्षा मंत्री हेगसेथ को ईरान युद्ध को लेकर सांसदों के मुश्किल सवालों का सामना करना पड़ा
संतोष
- 12 May 2026, 11:25 PM
- Updated: 11:25 PM
वाशिंगटन, 12 मई (एपी) अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को मंगलवार को ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप प्रशासन की अंतिम रणनीति, संघर्ष की लागत और इससे अमेरिकी हथियारों के भंडार में आई कमी के प्रभाव के संबंध में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक सांसदों के मुश्किल सवालों का सामना करना पड़ा। हेगसेथ ने ट्रंप प्रशासन द्वारा हथियारों और अन्य सैन्य क्षमताओं के उत्पादन को बढ़ाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि सेना के पास ईरान युद्ध या भविष्य के संघर्षों के लिए पर्याप्त मिसाइल रक्षा प्रणालियां और अन्य गोला-बारूद मौजूद हैं, जबकि रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों ने ही इन चिंताओं को लेकर उन पर जमकर निशाना साधा।
हेगसेथ ने कहा, ''गोला-बारूद के खत्म होने की बात से मैं असहमत हूं।'' उन्होंने कहा, ''यह बात सच नहीं है।''
रक्षा खर्च की निगरानी करने वाली संसद की उपसमितियां ट्रंप प्रशासन के 2027 के सैन्य बजट प्रस्ताव की समीक्षा के लिए लगातार सुनवाई कर रही हैं, जिसमें डेढ़ लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर के ऐतिहासिक आवंटन का आह्वान किया गया है।
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की विनियोग समिति में वरिष्ठ डेमोक्रेट सांसद रोजा डेलाउरो ने हेगसेथ से कहा कि ''इस संकट के अंत में इस सवाल का जवाब देना होगा: हमने क्या हासिल किया है और इसकी क्या कीमत चुकानी पड़ी है?''
रिपब्लिकन सांसद केन कैलवर्ट ने ईरान युद्ध के सैन्य वित्तपोषण के साथ-साथ अमेरिकी सेना के हथियारों के भंडार पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में भी पूछा।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के आर्थिक झटकों का दबाव बढ़ता जा रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण समुद्री परिवहन गलियारा है जहां से दुनिया के 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होता है। इसके जवाब में, अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी है।
ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि ईरान के साथ युद्धविराम ''बेहद नाजुक'' स्थिति में है। ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्ध पर उसके शांति प्रस्ताव को एक दिन पहले ''पूरी तरह से अस्वीकार्य'' बताते हुए खारिज कर दिया था।
ट्रंप को रविवार को ईरान का प्रस्ताव मिला था, जिससे उम्मीद जगी थी कि इससे ईरान के साथ 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध को समाप्त करने में कोई सफलता मिल सकती है। इस युद्ध ने वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे कई देशों में ईंधन की कमी हो गई है।
अमेरिका और इजराइल के बीच 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के बाद आठ अप्रैल से हमले रोक दिए गए हैं, जब दोनों पक्षों ने युद्धविराम पर सहमति जताई थी।
एपी
देवेंद्र संतोष
संतोष
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