एनआईए ने आतंकवाद-मादक पदार्थ मामले में पुर्तगाल से प्रत्यर्पित वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया
पवनेश
- 13 May 2026, 09:05 PM
- Updated: 09:05 PM
नयी दिल्ली, 13 मई (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने मादक पदार्थ और आतंकवाद से जुड़े मामलों में वांछित आरोपी इकबाल सिंह उर्फ शेरा को बुधवार को पुर्तगाल से सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित कराने के बाद गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों ने बताया कि पुर्तगाल से लाए जाने के तुरंत बाद एनआईए की एक टीम ने उसे दिल्ली हवाई अड्डे पर हिरासत में ले लिया, जहां वह 2020 में भाग गया था। उसका सफल प्रत्यर्पण और गिरफ्तारी पाकिस्तान समर्थित नशीले पदार्थों और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ एनआईए के अभियान के लिए एक बड़ी सफलता है।
जांच के दौरान एनआईए ने पाया कि शेरा, पाकिस्तान से हेरोइन की तस्करी में शामिल भारत स्थित नार्को-टेरर नेटवर्क का प्रमुख साजिशकर्ता और संचालक था।
जांच एजेंसी के अनुसार, पंजाब के अमृतसर का रहने वाला शेरा पाकिस्तान से सीमावर्ती राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी की साजिश का मास्टरमाइंड था।
एनआईए के मुताबिक, वह तस्करी कर लाए गए मादक पदार्थों की आपूर्ति और वितरण का समन्वय एवं निगरानी करता था तथा हवाला नेटवर्क के जरिए इससे होने वाली कमाई को पाकिस्तान और कश्मीर में मौजूद हिज्बुल मुजाहिद्दीन के आतंकियों तक पहुंचाता था, ताकि आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके।
उसके खिलाफ इस मामले में अक्टूबर 2020 से गैर-जमानती वारंट जारी था। शेरा की गिरफ्तारी के लिए जून 2021 से इंटरपोल का नोटिस भी जारी था।
बाद में, दिल्ली की एक अदालत ने एनआईए को शेरा को पंजाब ले जाने के लिए दो दिन की 'ट्रांजिट रिमांड' की अनुमति दे दी।
एनआईए ने उसे गिरफ्तार कर पटियाला हाउस कोर्ट में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीताम्बर दत्त के समक्ष पेश किया। एजेंसी ने उसे पंजाब के मोहाली ले जाने के लिए तीन दिन की 'ट्रांजिट रिमांड' का अनुरोध किया लेकिन अदालत ने दो दिन की 'ट्रांजिट रिमांड' दी।
एनआईए ने एक बयान में कहा कि भारत विरोधी नार्को-टेरर साजिश को आगे बढ़ाने के लिए शेरा ने एक आतंकी गिरोह बनाया था और पंजाब आधारित नेटवर्क संचालित कर रहा था, जो बड़ी मात्रा में हेरोइन की तस्करी, उसकी बिक्री से रकम जुटाने और यह पैसा आकाओं व आतंकियों तक पहुंचाने में शामिल था।
एजेंसी ने कहा कि शेरा के पाकिस्तान स्थित हिज्बुल मुजाहिद्दीन के आतंकियों के साथ करीबी संबंध थे।
यह मामला मूल रूप से पंजाब पुलिस ने हिज्बुल मुजाहिद्दीन से जुड़े हिलाल अहमद शेरगोजरी की गिरफ्तारी के बाद दर्ज किया था। पुलिस ने शेरगोजरी से कथित तौर पर ड्रग्स तस्करी से प्राप्त 29 लाख रुपये की रकम भी बरामद की थी। वह मारे गए आतंकी कमांडर रियाज अहमद नाइकू का करीबी सहयोगी था।
आगे की जांच में पंजाब स्थित आतंकी गिरोह के विभिन्न सदस्यों के पास से नार्को-टेरर वित्तपोषण से जुड़े 32 लाख रुपये और बरामद किए गए।
एनआईए ने मामले को अपने हाथ में लेने के बाद, नेटवर्क को खत्म करने और शेरा के प्रत्यर्पण को सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास शुरू किए थे।
भाषा आशीष पवनेश
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