'सिमुलेटर' आधारित प्रशिक्षण से सशस्त्र बलों के वार्षिक खर्च में उल्लेखनीय बचत संभव: टेरी
मनीषा
- 15 May 2026, 05:21 PM
- Updated: 05:21 PM
नयी दिल्ली, 15 मई (भाषा) ऊर्जा संसाधन संस्थान (टेरी) की ओर से शुक्रवार को जारी एक अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय सशस्त्र बल सिमुलेटर-आधारित प्रशिक्षण को बढ़ावा देकर सालाना 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की बचत कर सकते हैं, जिससे ईंधन की खपत और रसद व्यय में कटौती करने में मदद मिल सकती है।
'द एनर्जी रिसोर्सेज़ इन्स्टीट्यूट' (टीईआरआई) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ईंधन बचाने, विदेश यात्राओं को स्थगित करने और सोने की खरीद को टालने के आह्वान का हवाला देते हुए कहा कि इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा।
अध्ययन रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि देश एक ऐसे युग में प्रवेश कर रहा है जहां ईंधन का हर लीटर, आयातित संसाधन का हर हिस्सा और खर्च किया गया हर रुपया मायने रखता है।
इस सप्ताह की शुरुआत में हैदराबाद में एक रैली को संबोधित करते समय प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक तेल की बढ़ती कीमतों और बढ़ते आयात बिलों के मद्देनजर सामूहिक मितव्ययिता का आह्वान किया।
टेरी ने एक बयान में कहा कि अध्ययन से पता चलता है कि भारतीय सशस्त्र बलों के पास परिवर्तनकारी अवसर मौजूद हैं।
इसमें कहा गया है, '' सिमुलेटर आधारित प्रशिक्षण को बढ़ाकर सेना सालाना 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की बचत कर सकती है। इससे ईंधन की खपत कम होगी, गोला-बारूद की लागत में कटौती होगी, रसद व्यय में कमी आएगी और सभी लड़ाकू इकाइयों में हजारों घंटे की बचत होगी, और यह सब युद्धक्षेत्र की तैयारी से समझौता किए बिना होगा।''
टेरी के अध्ययन में पैदल सेना, तोपखाना, सेना, वायु रक्षा, बख्तरबंद कोर और मशीन युक्त पैदल सेना को कवर करने वाली 13 सिमुलेटर प्रणालियों का आकलन किया गया और ईंधन, गोला-बारूद, रसद और उपकरण में टूट-फूट पर होने वाले खर्च को रोककर होने वाली बचत की गणना की गई।
संस्थान के वरिष्ठ फेलो और निदेशक सौविक भट्टाचार्य ने कहा, ''राष्ट्रीय सुरक्षा और पर्यावरणीय जिम्मेदारी अब अलग-अलग विषय नहीं हैं। रक्षा सिमुलेटर यह प्रदर्शित करते हैं कि कैसे तकनीकी नवाचार एक साथ युद्ध की तैयारी को मजबूत कर सकता है, संसाधनों का अनुकूलन कर सकता है और टिकाऊ विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ा सकता है।''
सिमुलेटर के शामिल किये जाने के मौजूदा 15 प्रतिशत के स्तर पर, भारतीय सेना का पैदल सेना हथियार प्रशिक्षण सिमुलेटर अकेले सालाना 461.20 करोड़ रुपये की बचत करता है जो प्रतिदिन 1.26 करोड़ रुपये के बराबर है।
यदि इसे बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाए, तो 'पैदल सेना के हथियार प्रशिक्षण प्रणाली' (आईडब्ल्यूटीएस) से होने वाली वार्षिक बचत में 3,219.50 करोड़ रुपये की वृद्धि होगी।
भाषा संतोष मनीषा
मनीषा
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