प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड से स्वीडन के लिए रवाना हुए
नरेश
- 17 May 2026, 05:05 PM
- Updated: 05:05 PM
हेग, 17 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो दिवसीय नीदरलैंड यात्रा समाप्त करने के बाद रविवार को स्वीडन के लिए रवाना हो गए। नीदरलैंड यात्रा के दौरान उन्होंने रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 17 समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
यात्रा के दौरान मोदी ने शनिवार को अपने डच समकक्ष रॉब जेटेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति (विशेष रूप से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार नेटवर्क में आए व्यवधान के कारण क्षेत्र और समूचे विश्व पर पड़ रहे इसके गंभीर प्रभाव) पर चिंता जताई।
मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ''मेरी नीदरलैंड यात्रा ने भारत-नीदरलैंड संबंधों को नई गति प्रदान की है। हमारे संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने से लेकर जल संसाधन, सेमीकंडक्टर, नवाचार, रक्षा, स्थिरता और गतिशीलता में सहयोग बढ़ाने तक, हमने भविष्य के लिए एक महत्वाकांक्षी प्रारूप तैयार किया है।''
उन्होंने कहा, ''मैं प्रधानमंत्री रॉब जेटेन का गर्मजोशी भरे आतिथ्य और व्यक्तिगत रूप से विदाई देने के मकसद से हवाई अड्डे पर आने के लिए आभार व्यक्त करता हूं। मुझे विश्वास है कि आने वाले वर्षों में भारत और नीदरलैंड के बीच मित्रता और मजबूत होगी।''
द्विपक्षीय वार्ता से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने जेटेन के साथ ऊर्जा, बंदरगाह, स्वास्थ्य, कृषि व्यापार और प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख डच कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) से बातचीत की।
मोदी ने डच कंपनियों को भारत में, विशेष रूप से समुद्री क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में अवसरों का पता लगाने के लिए आमंत्रित किया।
रविवार को रवाना होने से पहले मोदी ने जेटेन के साथ प्रतिष्ठित 'अफस्लुइटडिज्क' बांध का दौरा किया। भारत और नीदरलैंड जल प्रबंधन और जलवायु संबंधी लचीले बुनियादी ढांचे में गहन सहयोग की संभावनाओं का पता लगा रहे हैं।
मोदी शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर हेग पहुंचे थे। यह दौरा यूरोप के चार देशों की उनकी यात्रा का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।
अपने यूरोप दौरे के अगले पड़ाव स्वीडन में मोदी अपने स्वीडिश समकक्ष उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए सहयोग के नए रास्ते तलाशने के लिए वार्ता करेंगे। स्वीडन के साथ द्विपक्षीय व्यापार 2025 में 7.75 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था।
दोनों पक्ष पर्यावरण हितैषी परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उभरती प्रौद्योगिकियों, स्टार्टअप, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं, रक्षा, अंतरिक्ष, जलवायु कार्रवाई और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
मोदी ने इससे पहले 2018 में पहले भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के लिए स्वीडन का दौरा किया था।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ''दोनों प्रधानमंत्री यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ 'यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री' को भी संबोधित करेंगे, जो समूचे यरोप के दिग्गज व्यापारियों का एक प्रमुख मंच है।''
भाषा संतोष नरेश
नरेश
1705 1705 द हेग