राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक, सीबीएसई मूल्यांकन विवाद को लेकर धर्मेंद्र प्रधान पर साधा निशाना
दिलीप
- 17 May 2026, 10:30 PM
- Updated: 10:30 PM
(फोटो सहित)
नयी दिल्ली, 17 मई (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नीट-यूजी पेपर लीक विवाद और सीबीएसई मूल्यांकन संबंधी चिंताओं के बीच रविवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लाखों बच्चों के भविष्य को "बर्बाद" करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को माफी मांगनी चाहिए।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के स्कूलों में लागू की जा रही तीन-भाषा नीति के क्रियान्वयन को लेकर भी धर्मेंद्र प्रधान पर हमला बोला।
गांधी ने इन मुद्दों पर प्रधानमंत्री की "चुप्पी" पर सवाल उठाते हुए मोदी से पूछा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद वह उन्हें (प्रधान को) बर्खास्त क्यों नहीं कर रहे हैं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''पहले नीट पेपर लीक हुआ, जिससे 22 लाख छात्र प्रभावित हुए। फिर सीबीएसई की कक्षा 12वीं के छात्रों को खराब ओएसम व्यवस्था के कारण अप्रत्याशित रूप से कम अंक मिले- जिनमें से कई ने कॉलेज में दाखिला लेने की पात्रता खो दी।''
उन्होंने पोस्ट में कहा, ''अब सीबीएसई की कक्षा 9वीं के लाखों छात्रों को अचानक एक जुलाई से एक नयी भाषा सीखने के लिए कहा गया है, जबकि इसके लिए न तो शिक्षक उपलब्ध हैं और न ही पाठ्यपुस्तकें। 14 साल के छात्रों को "अस्थायी व्यवस्था" के तहत कक्षा छठी की किताबें दी जा रही हैं।''
गांधी ने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों के हर आयु वर्ग को "निराश" किया है। कांग्रेस नेता ने कहा, ''तीन परीक्षाएं। तीन आयु वर्ग। एक मंत्री। धर्मेंद्र प्रधान जी ने एक बार नहीं, बल्कि एक साथ भारत के हर आयु वर्ग के छात्रों को पूरी तरह निराश किया है।''
गांधी ने कहा, ''हर घोषणा बच्चों को अनिश्चितता के गहरे सागर में धकेल रही है। हर विफलता पर कोई दंड नहीं दिया जाता। शिक्षा मंत्रालय आपदाओं का विभाग बन गया है।''
'प्रधान को बर्खास्त करो' हैशटैग के साथ पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने पूछा, ''प्रधानमंत्री मोदी जी—क्या आप कम से कम उन लाखों बच्चों से माफी मांग सकते हैं, जिनका भविष्य आपने और आपके मंत्री ने बर्बाद कर दिया है?"
गांधी ने एक अन्य पोस्ट में कहा, ''नीट 2024: पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द नहीं हुई। मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच शुरू की। एक समिति गठित की गई।''
उन्होंने कहा, ''नीट 2026: पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द हुई। मंत्री ने अभी भी इस्तीफा नहीं दिया। सीबीआई फिर से जांच कर रही है। एक और समिति गठित की जाएगी।''
अनियमितताओं के आरोपों के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (स्नातक) (नीट-यूजी) को रद्द कर दिया। परीक्षा फिर से 21 जून को आयोजित की जाएगी।
गांधी ने कहा, ''प्रधानमंत्री मोदी, देश आपसे कुछ सवाल पूछ रहा है- उनका जवाब दीजिए। बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? इस 'परीक्षा पे चर्चा' पर आप बार-बार चुप क्यों हैं? लगातार असफल हो रहे शिक्षा मंत्री को आप बर्खास्त क्यों नहीं कर रहे हैं?''
'परीक्षा पे चर्चा' एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसमें प्रधानमंत्री छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से बातचीत करते हैं। इस पहल का उद्देश्य छात्रों में आत्मविश्वास, सकारात्मकता और समग्र कल्याण को बढ़ावा देकर उनके परीक्षा अनुभव को नया रूप देना है।
शिक्षा मंत्रालय ने कक्षा 12वीं की परीक्षाओं में 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (ओएसएम) प्रणाली से अंकों पर असर पड़ने की चिंताओं को खारिज करते हुए कहा है कि यह सीबीएसई के लिए कोई नयी बात नहीं है और यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष ध्यान दिया गया है कि अंक देने की व्यवस्था सटीक रहे।
गांधी ने शनिवार को मांग की थी कि प्रधानमंत्री प्रधान को तुरंत बर्खास्त करें या खुद जिम्मेदारी लें।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ''भाजपा-आरएसएस गठजोड़'' ने भारत की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। गांधी ने कहा कि 22 लाख छात्रों ने दो साल तक जी-तोड़ मेहनत की और उनकी सारी मेहनत बर्बाद हो गई।
गांधी ने वीडियो बयान में कहा, ''पूरा देश जानता है कि परीक्षा से दो दिन पहले नीट का प्रश्न पत्र व्हाट्सऐप पर बांटा गया। देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कहते हैं कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।''
गांधी ने दावा किया कि प्रधान ने संसद की शिक्षा संबंधी स्थायी समिति की सिफारिश को कूड़ेदान में फेंक दिया और यह कहा था कि इस समिति में विपक्ष के लोग बैठे हैं, ऐसे में इन सिफारिशों का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने दावा किया कि प्रधान ने देश की शिक्षा व्यस्था के मूल स्वरूप को नुकसान पहुंचाया है।
भाषा आशीष दिलीप
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