गाजा में पांच वर्षीय बच्ची की मौत पर आधारित फिल्म को मिला सेंसर प्रमाणपत्र, 19 जून को होगी रिलीज
अविनाश
- 02 Jun 2026, 06:05 PM
- Updated: 06:05 PM
मुंबई, दो जून (भाषा) गाजा में इजराइली बलों के हमले में मारी गई पांच वर्षीय फलस्तीनी बच्ची हिंद रजब की सच्ची कहानी पर आधारित 'ऑस्कर' नामित फिल्म 'द वॉयस ऑफ हिंद रजब' को आखिरकार सेंसर प्रमाणपत्र मिल गया है। इसके साथ ही 19 जून को सिनेमाघरों में इसके रिलीज होने का रास्ता साफ हो गया है।
फिल्म को भारत में मार्च में रिलीज किया जाना था, लेकिन उसे केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से प्रमाणपत्र का इंतजार था। सीबीएफसी ही सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने वाली फिल्मों को प्रमाणित करता है।
सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फिल्म श्रेणी के लिए 98वें अकादमी पुरस्कारों में नामित इस फिल्म के भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, मालदीव, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में वितरण अधिकार मनोज नंदवाना की कंपनी 'जय विरात्रा एंटरटेनमेंट लिमिटेड' ने हासिल किए हैं।
नंदवाना ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा, ''हम 'द वॉयस ऑफ हिंद रजब' को बिना किसी काट-छांट के प्रमाणपत्र देने और भारतीय दर्शकों को इस महत्वपूर्ण सिनेमाई कृति से जुड़ने का अवसर प्रदान करने के लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं।''
उन्होंने कहा, ''जय विरात्रा एंटरटेनमेंट लिमिटेड में हमारा दृढ़ विश्वास है कि सिनेमा कहानी कहने, संवाद स्थापित करने और विविध मानवीय अनुभवों को समझने का एक सशक्त माध्यम है। फिल्म के मूल्यांकन और भारत में इसकी रिलीज का मार्ग प्रशस्त करने के लिए हम सीबीएफसी के विचारपूर्ण दृष्टिकोण की सराहना करते हैं।''
ट्यूनीशियाई फिल्मकार कौथर बेन हानिया के निर्देशन में बनी यह फिल्म हिंद रजब की मार्मिक कहानी को सामने लाती है, जिसकी मौत ने इजराइल-गाजा युद्ध के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश पैदा किया था।
नंदवाना ने कहा, '''द वॉयस ऑफ हिंद रजब' एक अत्यंत मार्मिक कहानी है, जो संघर्ष में इंसानों को नुकसान और विषम परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने के मानवीय साहस को दर्शाती है। हमें उम्मीद है कि यह फिल्म दर्शकों के बीच सहानुभूति, समझ और सार्थक संवाद को बढ़ावा देगी। यह फिल्म 19 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।''
जनवरी 2024 में हिंद रजब अपने परिवार के साथ गाजा शहर छोड़ रही थी, तभी उनकी कार इजराइली बलों की गोलीबारी की चपेट में आ गई। इस घटना में उसके सभी परिजन मारे गए। जब 'फलस्तीनी रेड क्रिसेंट' की आपातकालीन सेवा ने कार में मौजूद लोगों से संपर्क करने की कोशिश की, तब हिंद ने फोन उठाया और खुद को बचाने की गुहार लगाई।
बाद में रजब, उसके परिवार के सदस्य और दो बचावकर्मियों के शव कुछ दूरी पर मिले।
भाषा खारी अविनाश
अविनाश
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