'दुर्भावनापूर्ण तत्वों' ने पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर सेवाओं को बाधित करने का प्रयास किया: सीबीएसई
पवनेश
- 02 Jun 2026, 07:35 PM
- Updated: 07:35 PM
नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने मंगलवार को कहा कि ''दुर्भावनापूर्ण तत्वों'' ने साइबर हमलों की एक श्रृंखला के माध्यम से उसके पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर सेवाओं को बाधित करने का प्रयास किया, जिसमें एक ऐसा हमला भी शामिल है जिसके कारण दो मिनट के भीतर प्लेटफॉर्म पर 15 लाख 'हिट' हुए और अनधिकृत रूप से फाइल हासिल करने के एक लाख से अधिक प्रयास किये गए।
सीबीएसई ने कहा कि पोर्टल वर्तमान में 8,000 से अधिक उपयोगकर्ताओं को सहायता प्रदान कर रहा है, और अपराह्न 3 बजे तक 16,000 से अधिक छात्रों ने सफलतापूर्वक अपनी प्रविष्टियां जमा कर दीं।
बोर्ड ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा ''आज हजारों छात्रों ने सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन पोर्टल का उपयोग किया, लेकिन दुर्भावनापूर्ण तत्वों ने साइबर हमलों की एक श्रृंखला के माध्यम से सेवाओं को बाधित करने का प्रयास किया।''
पोस्ट में कहा गया है, ''सबसे हालिया घटना एक 'डिनायल ऑफ सर्विस' हमले का प्रयास है, जिसके कारण 2 मिनट के भीतर पोर्टल पर 15 लाख हिट हुए और अनधिकृत रूप से फाइल हासिल करने के 1 लाख से अधिक प्रयास किये गए।''
'डिनायल-ऑफ-सर्विस' हमला एक दुर्भावनापूर्ण साइबर खतरा है जो किसी मशीन, नेटवर्क या वेबसाइट को उसके लक्षित उपयोगकर्ताओं को अनुपलब्ध करता है।
छात्रों की प्रतिक्रिया के आधार पर, सीबीएसई ने कहा कि उसने प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाया है, जिसमें सत्र की समय सीमा बढ़ाना भी शामिल है, ताकि प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और सुगम हो सके।
बोर्ड ने कहा, ''हमारी टीम सतर्क और तत्पर है ताकि हमारे प्रिय छात्रों को हर संभव तरीके से सुविधा मिल सके।''
इससे पहले दिन में, सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन से असंतुष्ट छात्रों के लिए उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन एवं उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियों में पाई गई समस्याओं के सत्यापन हेतु मंगलवार को ऑनलाइन पोर्टल चालू कर दिया।
बोर्ड के अनुसार, यह सुविधा केवल उन छात्रों के लिए उपलब्ध है जिन्होंने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियां प्राप्त की हैं।
सीबीएसई ने कहा, ''उत्तर पुस्तिका की उपलब्ध कराई गई स्कैन प्रति में देखी गई समस्याओं के सत्यापन और उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन हेतु आवेदन के लिए पोर्टल दो जून 2026 को शुरू कर दिया गया है। उत्तर पुस्तिका की उपलब्ध कराई गई स्कैन प्रति में यदि कोई समस्या है तो छात्र उसके सत्यापन और मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं होने पर उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।''
पोर्टल दो जून से छह जून (मध्यरात्रि) तक चालू रहेगा और समयसीमा के बाद कोई ऑफलाइन आवेदन या अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा।
छात्रों को सीबीएसई की वेबसाइट के जरिये अपने आधार नंबर का उपयोग कर 'लॉग-इन' करना होगा और ऑनलाइन आवेदन करना होगा। बोर्ड ने कहा कि शुल्क भुगतान सहित पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से होगी।
उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन प्रतियों में समस्याओं के सत्यापन के लिए छात्र पन्ने गायब होने, अतिरिक्त उत्तर पुस्तिका गायब होने, मानचित्र या ग्राफ गायब होने, धुंधले पन्ने, गलत उत्तर पुस्तिका या किसी अन्य प्रश्नपत्र सेट के आधार पर मूल्यांकन जैसी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं।
बोर्ड ने कहा, ''छात्रों को अंतिम आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित करने की सलाह दी जाती है कि सभी विषयों से जुड़े अनुरोध उसमें शामिल हों।''
उसने कहा कि उपलब्ध कराई गई उत्तर पुस्तिका की स्कैन प्रति में पाई गई समस्याओं के सत्यापन के लिए शुल्क 100 रुपये प्रति उत्तर पुस्तिका है जबकि उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन के लिए 25 रुपये प्रति प्रश्न शुल्क लिया जाएगा।
बोर्ड ने कहा कि शुल्क का भुगतान केवल 'यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस' (यूपीआई), क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग जैसे ऑनलाइन माध्यमों से किया जा सकता है।
सीबीएसई ने कहा, ''छात्र समस्याओं के सत्यापन/पुनर्मूल्यांकन के लिए केवल एक-एक आवेदन जमा कर सकते हैं इसलिए उन्हें पहले ही तय कर लेना चाहिए कि वे एक विषय के लिए आवेदन करना चाहते हैं या कई विषयों के लिए।''
उसने कहा कि 'फ्रीज एंड प्रोसीड टू पेमेंट' बटन दबाने के बाद विवरण 'लॉक' हो जाएगा और उसमें संशोधन नहीं किया जा सकेगा इसलिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे सभी विवरण सही होने की पुष्टि कर लें।
बोर्ड ने कहा कि ऑनलाइन भुगतान पूरा होने के बाद ही आवेदन को सफल माना जाएगा।
उसने यह भी कहा कि समस्याओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए केवल एक-एक आवेदन की अनुमति होगी।
बोर्ड ने कहा, ''छात्र आवश्यक विवरण, जैसे प्रश्न संख्या और पृष्ठ संख्या आदि देकर एक या अधिक विषयों में एक या अधिक प्रश्नों के पुनर्मूल्यांकन के लिए भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।''
सीबीएसई ने कहा कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनुरोधों के परिणाम की जानकारी दी जाएगी और अभ्यर्थियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदन करने की सलाह दी गई है।
उसने कहा कि उत्तर पुस्तिका में समस्याओं के सत्यापन और उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करते समय सुरक्षा कारणों से आधार कार्ड आधारित सत्यापन शुरू किया गया है।
बोर्ड ने कहा, ''जिन बच्चों के पास आधार कार्ड नहीं है, वे अपने माता-पिता, रिश्तेदार या अभिभावक के आधार विवरण का उपयोग कर सकते हैं।'
बोर्ड ने कहा, ''ऐसी स्थिति में आधार पर दर्ज नाम, जन्मतिथि और लिंग उसी व्यक्ति का होना चाहिए जिसका आधार नंबर इस्तेमाल किया जा रहा है।''
यह पोर्टल देरी से चालू किया गया है। सीबीएसई ने पहले कहा था कि उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन पोर्टल 29 मई तक शुरू होने की संभावना है।
यह घटनाक्रम 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (ओएसएम) प्रणाली को लेकर कुछ छात्रों और अभिभावकों द्वारा चिंता जताए जाने के बाद सामने आया है। सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी खामियों, भुगतान विफल होने और पोर्टल तक पहुंच से जुड़ी समस्याओं को लेकर बोर्ड को छात्रों और अभिभावकों की आलोचना का सामना करना पड़ा है।
भाषा सुभाष पवनेश
पवनेश
0206 1935 दिल्ली