मप्र: 'वंदे मातरम्' गाने से 'इनकार' करने वाली कांग्रेस पार्षद की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
धीरज
- 04 Jun 2026, 09:44 PM
- Updated: 09:44 PM
इंदौर (मप्र), चार जून (भाषा) इंदौर की एक अदालत ने नगर निगम के एक सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' गाने से कथित तौर पर इनकार करने वाली कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम की अग्रिम जमानत याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी।
अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पार्षद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1) (विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देने वाले कृत्य) का अपराध पहली नजर में बनता दिखाई देता है।
अपर सत्र न्यायाधीश रूपेश नाईक ने स्थानीय पार्षद फौजिया शेख अलीम (50) की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद खारिज कर दी।
फौजिया ने याचिका में दावा किया कि उन्होंने नगर निगम के सदन में 'वंदे मातरम्' गाने से कभी मना नहीं किया और उन्हें 'राजनीतिक द्वेष' के कारण झूठे मामले में फंसाया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि वह जांच में सहयोग कर रही हैं और उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
उधर, अभियोजन पक्ष ने पार्षद की याचिका पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अग्रिम जमानत का लाभ दिए जाने पर वह अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गवाहों को डरा-धमका सकती हैं और फरार हो सकती हैं।
अदालत ने एक शिकायतकर्ता और अन्य गवाहों के कथनों, वीडियो फुटेज और जब्त डिजिटल सामग्री के अवलोकन के बाद कहा,"आवेदनकर्ता/आरोपी द्वारा प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (1) का अपराध किया जाना प्रतीत होता है। यह अपराध तीन वर्ष तक की अवधि के लिए दंडनीय होकर गैर जमानती है।"
अपर सत्र न्यायाधीश ने अदालतों के अलग-अलग फैसलों का हवाला देते हुए पार्षद की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी।
अदालत ने हालांकि पुलिस को निर्देश दिया कि वह 'अर्नेश कुमार बनाम बिहार राज्य' के मुकदमे में उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का 'अक्षरशः पालन' सुनिश्चित करे।
इन दिशा-निर्देशों में शीर्ष अदालत ने कहा था कि सात साल तक की सजा वाले अपराधों में पुलिस केवल मामला दर्ज होने के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी न करे, बल्कि गिरफ्तारी की आवश्यकता के ठोस कारण दर्ज करे और वैकल्पिक कानूनी उपायों पर भी विचार करे।
इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान आठ अप्रैल को कांग्रेस की पार्षद फौजिया शेख अलीम ने इस्लामी मान्यताओं का हवाला देते हुए 'वंदे मातरम्' गाने से कथित तौर पर इनकार कर दिया था।
निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस में शामिल होने वाली एक अन्य पार्षद रुबीना इकबाल खान ने भी फौजिया के इस रुख का समर्थन करते हुए राष्ट्रीय गीत गाने से कथित तौर पर मना कर दिया था।
पुलिस ने दोनों पार्षदों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (1) के तहत 15 अप्रैल को मामला दर्ज किया था।
भाषा हर्ष धीरज
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