सीमा सुरक्षा अब किसी एक की जिम्मेदारी नहीं होगी, त्रुटिरहित सुरक्षा तंत्र बनाया जाएगा : शाह
माधव
- 05 Jun 2026, 09:07 PM
- Updated: 09:07 PM
अगरतला, पांच जून (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि सरकार की 'स्मार्ट बॉर्डर' परियोजना अंतिम चरण में है, और नए सुरक्षा ग्रिड में सीमा प्रहरियों के अलावा अत्याधुनिक तकनीक और स्थानीय प्रशासन की भागीदारी होगी।
शाह ने त्रिपुरा में लंकामुरा सीमा चौकी पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि '' हम यहां स्मार्ट बॉर्डर का निर्माण करेंगे।''
उन्होंने कहा, ''स्मार्ट बॉर्डर प्रणाली को जल्द लागू किया जाएगा, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक, स्थानीय प्रशासन और सीमा प्रहरी की भागीदारी होगी।''
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, '''स्मार्ट बॉर्डर' की अवधारणा को प्रायोगिक परियोजना के रूप में देश के सात से आठ स्थानों पर लागू किया जाएगा। मैं केंद्रीय गृह सचिव और बीएसएफ के महानिदेशक से सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा करने और वार्ता करने का अनुरोध करता हूं।''
उन्होंने कहा, ''हर सीमा की अपनी चुनौतियां होती हैं, चाहे वह मानव तस्करी हो, हथियारों की तस्करी हो या मादक पदार्थों की तस्करी। लेकिन बीएसएफ के जवान इन चुनौतियों का सामना करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करते हैं।''
शाह ने कहा कि इस ढांचे में जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, 'ग्राम पटवारी' (लेखाकार) और सरपंच (ग्राम प्रधान) भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने रेखांकित किया कि जब तक सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन को इस अवधारणा में शामिल नहीं किया जाता, तब तक सीमाओं को वास्तव में अभेद्य नहीं बनाया जा सकता और सीमा सुरक्षा की कल्पना अकेले करना कभी सफल नहीं होगा।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा, ''2047 तक भारत को 'विकसित' राष्ट्र बनाने के लिए हमें सीमा पार से आने वाले नकली नोटों, मानव तस्करी और मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगानी होगी।''
शाह ने कहा, ''सीमा पर बाड़बंदी के आधुनिकीकरण के लिए, हमने लगभग 650 किलोमीटर की बाड़बंदी के 119 किलोमीटर हिस्से पर नए बाड़ लगाने की मंजूरी दे दी है जो 15 साल से अधिक पुरानी है।''
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सीमावर्ती चौकियों पर तैनात कर्मियों के लिए सुविधाओं में सुधार लाने के उद्देश्य से कई परियोजनाएं - जैसे बिजली आपूर्ति, हरित ऊर्जा पहल और सुरक्षित पेयजल - न केवल शुरू की गई हैं बल्कि पूरी भी हो चुकी हैं।
शाह ने मई में कहा था कि सरकार अगले वर्ष तक प्रौद्योगिकी आधारित 'स्मार्ट बॉर्डर' परियोजना शुरू करेगी, ताकि पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ लगभग 6,000 किलोमीटर लंबी सीमाओं को अभेद्य बनाया जा सके और देश की जनसांख्यिकी बदलने की किसी भी ''साजिश'' को विफल किया जा सके।
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा था, ''भारत सरकार ने फैसला किया है कि हम न केवल घुसपैठ रोकेंगे, बल्कि हर एक घुसपैठिए की पहचान कर उसे देश से बाहर भी भेजेंगे।''
उन्होंने कहा कि अभेद्य 'स्मार्ट बॉर्डर' बनाने के लिए प्रौद्योगिकी, ड्रोन, रडार और स्मार्ट कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा।
शाह शुक्रवार को सीमा चौकी में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि 2019 से अब तक, सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों ने 7.5 करोड़ से अधिक पौधे रोपे हैं।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष 40 लाख से 60 लाख पौधे लगाए जाएंगे और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवान अगले वर्ष दो करोड़ पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र सेवा दोनों में योगदान करेंगे।
बाद में, केंद्रीय गृह मंत्री ने बीएसएफ के त्रिपुरा फ्रंटियर मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की, जिसमें मुख्यमंत्री माणिक साहा, मुख्य सचिव जेके सिन्हा, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी भी उपस्थित थे।
भाषा धीरज माधव
माधव
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