दिल्ली पुलिस को प्रदर्शन की अनुमति के लिए 'कॉकरोच जनता पार्टी' से कोई अनुरोध नहीं मिला, 1000 कर्मी तैनात
प्रशांत
- 05 Jun 2026, 10:09 PM
- Updated: 10:09 PM
नयी दिल्ली, पांच जून (भाषा) दिल्ली पुलिस को डिजिटल संगठन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) से शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के वास्ते अनुमति के लिए अबतक कोई अनुरोध पत्र नहीं मिला है, जबकि नयी दिल्ली में 1,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, "अगर वे अनुमति मांगेंगे, तो हम उनके अनुरोध पर विचार करेंगे।"
सीजेपी ने परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छह जून को प्रदर्शन का आह्वान किया है।
'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस महीने की शुरुआत में अपने समर्थकों और विद्यार्थियों से दिल्ली में प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया था। दीपके ने अपने समर्थकों से यह भी आग्रह किया था कि वे छह जून को उनके हवाई अड्डे आने पर वहां पहुंचें। दीपके ने कहा कि वह विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए अमेरिका से वापस लौटेंगे।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि उन्हें प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के बारे में मुख्य रूप से सोशल मीडिया पोस्ट और ऑनलाइन प्रसारित संदेशों के माध्यम से जानकारी मिली। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अब तक अभिजीत दीपके के नेतृत्व वाले संगठन से कोई औपचारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
पुलिस ने कहा कि वे स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं और प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए प्रारंभिक सुरक्षा व्यवस्था कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने आज एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले स्थिति और तैयारियों का जायजा लिया गया।
सूत्रों के अनुसार, सभी जिला इकाइयों को अलर्ट पर रखा गया है और खुफिया जानकारी और जमीनी स्थिति का मूल्यांकन करने के बाद ही आगे के फैसले लिए जाएंगे।
पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को "अत्यंत तेजी से बदलती हुई" बताया और कहा कि विभिन्न स्तरों पर लगातार आकलन किया जा रहा है।
एक सूत्र ने बताया, "फिलहाल हमारे पास केवल वही जानकारी उपलब्ध है जो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही है। अब तक अनुमति के लिए कोई अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है।"
दिल्ली पुलिस आम तौर पर पूर्व अनुमति और आवश्यक मंजूरी के बिना प्रदर्शनों की इजाजत नहीं देती है। अधिकारियों ने कहा कि इस स्तर पर किसी भी विशिष्ट कार्रवाई पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा तैनाती और अन्य निवारक उपायों से संबंधित निर्णय जमीनी परिस्थितियों और खुफिया जानकारी के आधार पर लिए जाएंगे, लेकिन फिलहाल 1,000 पुलिस कर्मियों की तैनाती की योजना बनाई गई है।
सूत्रों ने बताया कि खुफिया एजेंसियां उन रिपोर्टों की भी जांच कर रही हैं जिनमें कुछ राजनीतिक समूहों द्वारा प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को संभावित समर्थन मिलने की बात कही गई है।
उन्होंने बताया कि मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत कई राजनीतिक नेताओं की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरत पड़ने पर वे संवेदनशील क्षेत्रों में कर्मियों को तैनात करने के लिए तैयार हैं।
इसी बीच, सीजेपी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में पुलिस व्यवस्था का एक वीडियो साझा किया और कहा, "कॉकरोचों को रोकने के लिए पूरी तरह से कड़ी व्यवस्था की गई है, आज ही बैरिकेडिंग लगाई गई है।"
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी कहा कि अगर प्रधान पांच जून तक इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे।
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