दिल्ली की ईवी नीति से इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा बढ़ावा, प्रदूषण घटेगा: उद्योग जगत
अजय
- 29 Jun 2026, 06:58 PM
- Updated: 06:58 PM
नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) दिल्ली सरकार की नई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति से आम लोगों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार तेज होगी, वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी और इस क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। उद्योग जगत के संगठनों ने यह बात कही।
दिल्ली सरकार ने सोमवार को नई ईवी नीति को मंजूरी दी। इसके तहत राष्ट्रीय राजधानी में पंजीकृत 30 लाख रुपये या उससे कम 'एक्स-शोरूम' कीमत वाली सभी इलेक्ट्रिक कारों को सड़क कर और पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी।
नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने वालों को पहले वर्ष 30,000 रुपये, दूसरे वर्ष 20,000 रुपये और तीसरे वर्ष 10,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी।
उद्योग मंडल फिक्की के महासचिव अनंत स्वरूप ने कहा कि सब्सिडी का यह प्रावधान आम लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा और स्वच्छ परिवहन का लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाएगा।
स्वरूप ने कहा, '' यह नीति एक ओर वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने पर जोर देती है, वहीं दूसरी ओर ईवी अवसंरचना को भी मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करती है।''
एसोचैम के अध्यक्ष निर्मल मिंडा ने कहा कि यह नीति राजधानी की लगातार बनी हुई वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने और टिकाऊ शहरी परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में दूरदर्शी पहल है।
उन्होंने कहा, '' चार्जिंग अवसंरचना और प्रोत्साहनों सहित ईवी परिवेश को मजबूत करने के लिए प्रस्तावित 15,000 करोड़ रुपये का निवेश स्वच्छ परिवहन की ओर बदलाव को गति देने के लिए आवश्यक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।''
मिंडा ने कहा कि यह नीति वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी लाने के साथ-साथ नए आर्थिक अवसर भी उत्पन्न कर सकती है और अन्य राज्यों के लिए भी उनकी स्थानीय जरूरतों के अनुरूप ऐसी स्वच्छ परिवहन नीतियां अपनाने का मॉडल बन सकती है।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन विनिर्माता कंपनी एथर एनर्जी के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) तरुण मेहता ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि दिल्ली की ईवी नीति भारत में विद्युतीकरण को बढ़ावा देने वाली सबसे महत्वपूर्ण शहर-स्तरीय पहल में से एक है।
उन्होंने कहा कि इस नीति की सबसे बड़ी खासियत केवल निवेश का आकार नहीं, बल्कि इसका डिजाइन है। प्रोत्साहनों, चरणबद्ध विद्युतीकरण के प्रावधानों और चार्जिंग के लिए बुनियादी ढांचे के संयोजन से यह एक मजबूत आधार तैयार करती है।
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के प्रवक्ता ने कहा, "दिल्ली ने एक बार फिर सही दिशा में कदम उठाकर नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया है। अधिक उपयोग वाले वाहन खंडों के लिए महत्वाकांक्षी समयसीमा तय करके और नीतिगत प्रोत्साहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों पर केंद्रित रखकर सरकार ने इस सिद्धांत को मजबूत किया है कि सार्वजनिक समर्थन से उन प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा मिलना चाहिए जो शून्य उत्सर्जन के साथ अधिकतम पर्यावरणीय लाभ देती हैं।"
दिल्ली मंत्रिमंडल से मंजूर इस नीति को एक जुलाई से लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे 31 मार्च, 2030 तक दिल्ली को प्रदूषण मुक्त शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
भाषा योगेश अजय
अजय
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