शोपियां में कई दिनों के अभियान में लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी जाकिर गनई मारा गया
माधव
- 08 Jul 2026, 10:15 PM
- Updated: 10:15 PM
श्रीनगर, आठ जुलाई (भाषा) जम्मू कश्मीर पुलिस से मिली सूचना के आधार पर सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में छह दिन के अभियान के बाद लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) आतंकी जाकिर गनई को मार गिराया गया। यह जानकारी अधिकारियों ने बुधवार को दी।
सेना की चिनार कोर ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि चनापोरा में सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) द्वारा चलाए गए संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान ''लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी को मुठभेड़ में मार गिराया गया, जिसकी पहचान जाकिर गनई के रूप में हुई है।''
इसमें कहा गया, ''हथियार, गोला-बारूद और अन्य सामग्री बरामद की गई है।''
अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि तीन जुलाई से अब तक दो बार गोलीबारी हुई और श्रेणी-सी आतंकी गनई (26) पहले घायल हो गया था।
उन्होंने बताया कि आतंकी पड़ोसी कुलगाम जिले के मोटलहामा का निवासी था और 2023 से सक्रिय था।
अधिकारियों ने बताया कि उसके बाएं फेफड़े और पैर में गोलियों के निशान थे। उन्होंने कहा कि वह घायल होने के बाद रेंगते हुए बागों में बने एक शेड तक पहुंच गया था।
अधिकारियों के अनुसार, गनई 27 सितंबर, 2023 को शटरिंग का काम करने के लिए अपने घर से डायलगाम गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। अधिकारियों के अनुसार परिवार के सदस्यों द्वारा उसका पता नहीं लगा पाने के बाद तीन अक्टूबर, 2023 को कुलगाम थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
उन्होंने बताया कि बाद में गनई आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) में शामिल हो गया था।
अधिकारियों ने कहा कि उसके खिलाफ कुलगाम थाने में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज थी।
पुलिस ने भी गनई के मारे जाने को लेकर 'एक्स' पर पोस्ट किया। इसमें कहा गया, ''तुम भाग सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते! शोपियां एसओजी ने सेना की आरआर (राष्ट्रीय राइफल्स) और सीआरपीएफ के साथ संयुक्त अभियान में लश्कर के एक आतंकी को मार गिराया।''
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने तीन जुलाई को सबसे पहले मीमेंदर इलाके के घने बाग में निगरानी कैमरों के जरिए दो आतंकवादियों को देखा था।
उन्होंने कहा कि पुलिस, सेना की 55 राष्ट्रीय राइफल्स और 44 राष्ट्रीय राइफल्स तथा सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने पिछले पांच दिनों से इलाके की कड़ी घेराबंदी कर रखी थी। उन्होंने कहा कि इस दौरान दोनों ओर के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही।
सेना की विशेष आतंकवाद रोधी इकाई विक्टर फोर्स ने घने बागों के बीच से भागने के सभी संभावित रास्तों को बंद करने के लिए अतिरिक्त जवानों को तैनात किया था और इलाके में रोशनी की व्यवस्था भी की थी।
अधिकारियों ने बताया कि गर्मियों के महीनों में पेड़ों की घनी पत्तियां प्राकृतिक आड़ प्रदान करती हैं, जिससे निगरानी करना मुश्किल हो जाता है और घिरे हुए आतंकवादी छिपे हुए स्थानों का फायदा उठाकर सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश कर सकते हैं।
शोपियां ऐतिहासिक रूप से दक्षिण कश्मीर को मध्य कश्मीर और पीर पंजाल क्षेत्र से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है।
अधिकारियों ने बताया कि गनई के अलावा, माना जा रहा है कि घिरा हुआ दूसरा आतंकवादी लतीफ है, जो पिछले साल संगठन में शामिल हुआ था।
भाषा अमित माधव
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