एनएलयू की मांग को लेकर कठुआ में उपमुख्यमंत्री के सार्वजनिक कार्यक्रम में विरोध प्रदर्शन
अविनाश
- 09 Jul 2026, 07:19 PM
- Updated: 07:19 PM
जम्मू, नौ जुलाई (भाषा) जम्मू में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू) स्थापित करने की मांग कर रहे युवाओं के एक समूह ने बृहस्पतिवार को कठुआ जिले में जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कथित तौर पर व्यवधान डालने का प्रयास किया और इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आयोजन स्थल से बाहर निकाल दिया।
यह घटना राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग के समर्थन में हीरानगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई।
उपमुख्यमंत्री चौधरी ने इस सुरक्षा चूक के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
यह प्रदर्शन अधिवक्ता केतन कुमार के नेतृत्व में किया गया।
उन्होंने नारेबाजी करते हुए पर्चे लहराए और सरकार से कश्मीर की तर्ज पर जम्मू में भी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय स्थापित करने का अपना वादा पूरा करने की मांग की।
कुमार ने सरकार से सवाल किया कि जम्मू में एनएलयू स्थापित करने की घोषणा अब तक लागू क्यों नहीं की गई।
उन्होंने सभागार में प्रवेश कर विरोध प्रदर्शन किया।
पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए प्रदर्शनकारियों को सभागार और कार्यक्रम स्थल से बाहर निकाल दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कार्यक्रम स्थल के बाहर धरना-प्रदर्शन किया, उपमुख्यमंत्री के खिलाफ नारे लगाए और कहा कि जम्मू में एनएलयू की स्थापना होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
कुमार ने कहा, ''हम केवल उपमुख्यमंत्री से यह पूछना चाहते थे कि जम्मू में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय स्थापित करने का सरकार का वादा कब पूरा होगा।''
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। हालांकि, बाद में स्थिति पर काबू पा लिया गया।
घटना के बाद संवाददाताओं से बातचीत में उपमुख्यमंत्री चौधरी ने सुरक्षा व्यवस्था में चूक के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा, ''यहां कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। मैं उपमुख्यमंत्री हूं। कार्यक्रम में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी, इसके बावजूद एक व्यक्ति मंच तक पहुंच गया और वहां मौजूद लोगों पर हमला करने का प्रयास किया। यह संबंधित डीएसपी और एसएचओ की लापरवाही का नतीजा है।''
उपमुख्यमंत्री ने कहा, ''यदि प्रदर्शनकारियों को कोई शिकायत थी तो उन्हें इसे उपायुक्त के समक्ष उठाना चाहिए था। विरोध प्रदर्शन के नाम पर किसी को भी मंच पर चढ़ने, सार्वजनिक कार्यक्रम में व्यवधान डालने या हमला करने का प्रयास करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।''
उन्होंने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) से संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, घटना की निष्पक्ष जांच कराने तथा इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
भाषा
राखी अविनाश
अविनाश
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