'महाविभाजन आघाडी': पवार पर राउत के हमले के बाद भाजपा ने कहा
पवनेश
- 09 Jul 2026, 08:27 PM
- Updated: 08:27 PM
नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत द्वारा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के अध्यक्ष शरद पवार की आलोचना किए जाने को लेकर उनपर निशाना साधा और कहा कि महाराष्ट्र का विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) पूरी तरह से बिखराव का शिकार है।
सत्तारूढ़ दल की यह प्रतिक्रिया राउत के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से पवार की मुलाकात पर नाराजगी जताई थी। राउत ने कहा था कि उनकी पार्टी इस मुलाकात से आहत और परेशान है तथा इस तरह के कदम से शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता की विश्वसनीयता कम होती है। उन्होंने यह भी कहा था कि यह मुलाकात 'गद्दारों का महिमामंडन' करने जैसी है।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि राउत के बयान ने विपक्षी गठबंधन के भीतर गहरे मतभेदों को उजागर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गठबंधन के पास न कोई लक्ष्य है, न कोई सोच और न ही एकजुटता है।
पूनावाला ने एक वीडियो बयान में कहा, '' एमवीए का मतलब महा विकास आघाडी नहीं, बल्कि महा विभाजन आघाडी है। संजय राउत ने अब सिर्फ इसलिए शरद पवार जी पर हमला किया क्योंकि उन्होंने एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। इससे पता चलता है कि उनके पास न कोई मिशन है और न कोई विजन, केवल भ्रम और विभाजन है।''
उन्होंने दावा किया कि शिवसेना (उबाठा) अपनी ही पार्टी को एकजुट रखने में असमर्थ है, फिर भी वह बार-बार अपने सहयोगियों पर हमला करती है।
पूनावाला ने कहा, ''सबसे पहले उद्धव सेना खुद को एकजुट नहीं रख पा रही है, फिर भी वह कांग्रेस और कई बार शरद पवार तथा राकांपा पर निशाना साधती है। उनकी एकता कहां है? क्या वे किसी मिशन या विजन के आधार पर एकजुट हैं? नहीं, वे सावरकर, अनुच्छेद 370 और हिंदुत्व जैसे मुद्दों पर पूरी तरह विभाजित हैं। किसी भी मुद्दे पर उनमें सहमति नहीं है।''
भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन को एकजुट रखने वाला एकमात्र कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा का विरोध है।
उन्होंने कहा, ''उन्हें साथ रखने वाली एकमात्र चीज प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा का विरोध करने की राजनीतिक मजबूरी है। लेकिन वे हर बार बुरी तरह विफल होते हैं। यही उनका असली चेहरा है।''
दरअसल शरद पवार ने बुधवार को मुंबई के विधान भवन परिसर में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यालय में अपनी पार्टी के विधायकों से मुलाकात की थी। पवार राज्य सरकार द्वारा महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद पर गठित उच्चाधिकार समिति के सदस्य के रूप में बैठक में शामिल होने पहुंचे थे। बैठक के बाद महा विकास आघाडी के घटक दल राकांपा (शपव) के प्रमुख पवार ने शिंदे के कक्ष में जाकर उनसे ''शिष्टाचार मुलाकात'' की थी।
बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बातचीत में संजय राउत ने कहा, ''शरद पवार एक वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं। जब कोई वरिष्ठ नेता उस व्यक्ति के कार्यालय में जाकर ऐसी बैठक करता है, जिसने हमारी सरकार गिराई थी, तो उसकी विश्वसनीयता प्रभावित होती है।''
भाषा शोभना पवनेश
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0907 2027 दिल्ली