होर्मुज जलडमरूमध्य में हमला प्रभावित जहाज के तीन नाविकों ने थाई शिपिंग कंपनी पर मुकदमा दायर किया
नरेश
- 10 Jul 2026, 02:19 PM
- Updated: 02:19 PM
बैंकॉक, 10 जुलाई (एपी) होर्मुज जलडमरूमध्य में मार्च में हमले का शिकार हुए एक थाई मालवाहक जहाज के चालक दल के तीन पूर्व सदस्यों ने श्रम अधिकारों के उल्लंघन और अनुचित तरीके से नौकरी से निकाले जाने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को जहाज का संचालन करने वाली कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया।
'मायुरी नारी' नामक जहाज पर 11 मार्च को ओमान के उत्तर में एक प्रक्षेपास्त्र से हमला किया गया था, जिसमें चालक दल के तीन सदस्यों की मौत हो गई थी। शेष 20 सदस्यों को बचाकर लगभग एक सप्ताह बाद थाईलैंड वापस लाया गया था।
पूर्व चालक दल सदस्य पनिथि तुमकाओ, नोप्पादोन वोंगसुवान और सुरादेस मानफुएन ने 'प्रेशियस शिपिंग कंपनी' तथा उससे संबद्ध दो अन्य कंपनियों और जहाज के कप्तान के खिलाफ यह मुकदमा दायर किया।
उनके वकील कुनपत सिंहाथोंग ने कहा कि मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि प्रतिवादियों ने सुरक्षा जोखिमों के बावजूद जहाज को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजारकर उनके जीवन को खतरे में डाला।
सिंहाथोंग ने कहा कि हमले के बाद जहाज परिचालन योग्य नहीं रहने के कारण नौ महीने की सेवा अवधि पूरी होने से पहले ही तीनों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। उन्हें मुआवजे के रूप में दो महीने के वेतन के बराबर राशि दी गई।
वकील के अनुसार, यह मुआवजा पर्याप्त नहीं था क्योंकि तीनों को बाद में 'पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर' (पीटीएसडी) होने का पता चला, जिसके कारण वे फिलहाल नाविक के रूप में अन्यत्र काम करने की स्थिति में नहीं हैं।
सिंहाथोंग ने कहा, ''हमने कंपनी के साथ बातचीत की कोशिश की, लेकिन उसने जिम्मेदारी स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसलिए हमें लगा कि इस मामले को अदालत में ले जाना चाहिए।''
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की ओर से मांगा गया मुआवजा 10 लाख थाई बाह्त (करीब 30,000 अमेरिकी डॉलर) से अधिक है, हालांकि उन्होंने सटीक राशि बताने से इनकार किया।
पनिथि ने कहा कि उन्होंने 'प्रेशियस शिपिंग' में एक दशक से अधिक समय तक काम किया। उन्होंने बताया कि व्यवहार में बदलाव देखने के बाद उनकी पत्नी ने उन्हें चिकित्सकीय उपचार लेने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा, ''तेज आवाज सुनते ही मैं चौंक जाता हूं। मैं अभी काम नहीं कर सकता और मुझे दवाइयां लेनी पड़ रही हैं।''
'प्रेशियस शिपिंग' ने इस मामले पर प्रतिक्रिया के अनुरोध का कोई जवाब नहीं दिया।
हमले में मारे गए चालक दल के तीन सदस्यों के पार्थिव शरीर इस महीने की शुरुआत में थाईलैंड लाए गए थे।
तीन जुलाई को जारी एक बयान में 'प्रेशियस शिपिंग' ने पार्थिव शरीरों को स्वदेश लाने की प्रक्रिया में शामिल सभी लोगों का आभार व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। कंपनी ने कहा कि वह शोक संतप्त परिवारों को हरसंभव सहायता, देखभाल और सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस बीच, बृहस्पतिवार को अमेरिका ने ईरान पर नए हवाई हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिका के सहयोगियों को निशाना बनाया। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते संघर्ष से ईरान युद्ध को समाप्त करने के उद्देश्य से किए गए अंतरिम समझौते पर भी संकट गहरा गया है।
संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात प्रभावित हुआ है। यह वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) के लगभग पांचवें हिस्से के परिवहन का प्रमुख समुद्री मार्ग है, जिसका ज्यादातर हिस्सा एशिया भेजा जाता है। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से एशिया ऊर्जा आपूर्ति संबंधी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है।
फारस की खाड़ी में फंसे नाविकों की सुरक्षा भारत, फिलीपीन और थाईलैंड जैसे एशियाई देशों के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि इन देशों के नागरिक बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय जहाजों के चालक दल का हिस्सा हैं।
संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) के महासचिव अर्सेनियो डोमिंगेज ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा, ''यह केवल जहाजरानी के आंकड़ों का मामला नहीं है। इन आंकड़ों के पीछे नाविक और कई मामलों में उनके परिवार हैं, जो इस संघर्ष की मानवीय कीमत अब भी चुका रहे हैं।''
एपी मनीषा नरेश
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